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कांग्रेस रैली के बयानों पर भाजपा का पलटवार, चैन सिंह राठौड़ ने लगाए गंभीर आरोप, भ्रष्टाचार के आरोपों पर सियासी घमासान, राठौर ने गिनाई उपलब्धियां।

कोटा। राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर कांग्रेस द्वारा आयोजित रैली में लगाए गए कथित अनर्गल बयानों को लेकर भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इसी क्रम में कोटा-बूंदी सरस डेयरी के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने वर्तमान कांग्रेस नेता पर कड़ा प्रहार किया है।

राठौड़ ने कहा कि जो स्वयं भ्रष्टाचार और अनाचार के उदाहरण रहे हैं, वे आज दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं। जनता उनके कार्यकाल के भ्रष्टाचार और आपराधिक प्रकरणों से भली-भांति परिचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कार्यकाल में कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा, जिससे संघ घाटे में चला गया।

राठौड़ ने बताया कि 19 अप्रैल 2023 को उनके कार्यभार संभालने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन में संघ में सुधारात्मक कार्य प्रारंभ किए गए। पारदर्शिता लागू कर अनियमितताओं पर अंकुश लगाया गया, जिसके परिणामस्वरूप संघ आज लगभग 6 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज कर रहा है। किसानों को समय पर भुगतान हो रहा है और पशुपालक व कर्मचारी संतुष्ट हैं। सरस उत्पादों पर उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत हुआ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस नेता के कार्यकाल में अवैध खनन, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, सरकारी संपत्ति की चोरी, अनाधिकृत निर्माण और प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव जैसे गंभीर मामले सामने आए, जिन पर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई भी हुई। क्रेशर संचालन से जुड़े प्रकरणों में मशीनरी और वाहनों की जब्ती तथा थानों में मुकदमे दर्ज होना सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा रहा है।

राठौड़ ने कहा कि कई अवसरों पर सरकारी अधिकारियों को धमकाने, नियमों की अनदेखी कर जबरन कार्य करवाने तथा अनुशासनहीनता के आरोप भी लगे, जिस पर पार्टी स्तर पर जांच और दंडात्मक निर्णय लिए गए। न्यायालयों ने भी स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक भूमि पर कब्जा और अवैध निर्माण कानूनन स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि जिनके अपने कार्यकाल पर गंभीर सवाल खड़े रहे हों, उन्हें दूसरों पर नैतिकता और ईमानदारी का उपदेश देने का अधिकार कैसे हो सकता है। पहले स्वयं को जवाबदेह ठहराना चाहिए। राजनीति में मतभेद संभव हैं, लेकिन आचरण की सच्चाई कर्मों से ही सिद्ध होती है।

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