
सोनभद्र: अवैध अस्पतालों और 'उगाही' के खेल का पर्दाफाश; डिप्टी सीएम तक पहुंची शिकायत
सीएमओ और नोडल अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, बिना पंजीकरण चल रहे अस्पतालों की सूची जारी
रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। जनपद के स्वास्थ्य विभाग में मचे घमासान और अवैध अस्पतालों के संचालन को लेकर भारतीय जनकल्याण सेवा संस्थान ने मोर्चा खोल दिया है। संस्थान के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार मिश्रा ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को पत्र लिखकर जनपद के वर्तमान सी.एम.ओ. डॉ. पी.के. राय और नोडल अधिकारी डॉ. कीर्ति आजाद बिंद पर भ्रष्टाचार के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
*अवैध वसूली और 'महीना' का आरोप*
शिकायती पत्र के अनुसार, जनपद में बिना किसी पंजीकरण के दर्जनों अस्पताल और क्लीनिक धड़ल्ले से चल रहे हैं। आरोप है कि नोडल अधिकारी डॉ. कीर्ति आजाद बिंद इन अवैध केंद्रों से मोटी रकम और 'महीना' लेकर उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि यह खेल सी.एम.ओ. की पूरी जानकारी और उनके पूर्ण संरक्षण में फल-फूल रहा है।
*सदन में उठा मामला, फिर भी कार्यवाही सिफर*
कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि पूर्व में स्नातक MLC आशुतोष सिन्हा ने इस गंभीर मुद्दे को सदन में उठाया था। इसके बाद जांच टीम भी गठित की गई, लेकिन आरोप है कि सी.एम.ओ. के प्रभाव के कारण नोडल अधिकारी को वित्तीय महत्वपूर्ण पदों पर बनाए रखा गया और जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
*इन अस्पतालों और क्लीनिकों पर उठाए सवाल*
संस्थान ने शासन को भेजी अपनी रिपोर्ट में कई केंद्रों को चिन्हित किया है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
• *डॉ. वी.के. पाण्डेय:* नई बाजार मार्केट से तिरछी रास्ते पर संचालित।
• *पंकज क्लीनिक:* स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के नाम पर संचालन।
• *मेडिसिटी हॉस्पिटल:* कर्मा के पास मुख्य मार्ग पर।
• *डॉ. मनीष व डॉ. राधेश्याम:* बैनी मोड़ और एलाही में संचालित केंद्र।
• *डॉ. बंगाली:* बैनी मोड़ और रामगढ़ में बिना पंजीकरण के क्लीनिक।
*सख्त कार्यवाही की मांग*
संस्थान के उपाध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि इन अवैध अस्पतालों को तत्काल सील नहीं किया गया और भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने उपमुख्यमंत्री से मांग की है कि जनपद की जनता के स्वास्थ्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को तुरंत रोका जाए।