
मऊआइमा में रिश्तों की हत्या…
तीन ज़िंदगियाँ बुझीं, घर का चिराग ही बना दुश्मन
मऊआइमा क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ रिश्तों की पवित्रता खून में डूब गई। जिस घर में प्यार, भरोसा और अपनापन होना चाहिए था, वहीं घर का चिराग ही अपनों का दुश्मन बन बैठा। इस दर्दनाक घटना में तीन लोगों की जान चली गई, और पूरा इलाक़ा सदमे में है।
बताया जा रहा है कि पारिवारिक विवाद ने ऐसा भयावह रूप लिया कि वह हिंसा में बदल गया। झगड़े की आग में इंसानियत जल गई और देखते ही देखते तीन जिंदगियाँ हमेशा के लिए बुझ गईं। घटना के बाद घर में मातम पसरा है, वहीं पड़ोसियों और रिश्तेदारों की आँखें नम हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, शवों को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे के कारणों की गहनता से जाँच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
यह वारदात सिर्फ़ तीन हत्याओं की कहानी नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है—जब संवाद टूटता है, संवेदनाएँ मरती हैं और रिश्ते बोझ बन जाते हैं, तब परिणाम ऐसा ही खौफनाक होता है।
आवाज़-ए-हक़ सवाल करता है—
आख़िर कब तक घरेलू कलह यूँ ही ज़िंदगियाँ निगलती रहेगी?
कब रिश्तों को संभालने की जिम्मेदारी हम सब मिलकर निभाएँगे?