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मनरेगा से गांधी नाम हटाना गरीबों के अधिकार पर हमला

मनरेगा से गांधी का नाम हटाना गरीबों के अधिकार पर हमला, दूषित पानी से मौतें भाजपा की लापरवाही का परिणाम – रविंद्र महाजन

मनरेगा बचाओ अभियान की घोषणा, इंदौर जलकांड पर सरकार को घेरने 11 जनवरी को प्रदेशव्यापी पैदल मार्च...

रिपोर्ट - भगवानदास शाह ✍️
जिला बुरहानपुर मध्यप्रदेश

शाहपुर/बुरहानपुर
जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) बुरहानपुर के अध्यक्ष श्री रविंद्र महाजन ने आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिसे कांग्रेस के नेतृत्व में गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग को रोजगार का कानूनी अधिकार देने के उद्देश्य से लागू किया गया था।
श्री महाजन ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों और गांधीवादी विचारधारा पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने रोजगार के अधिकार को कमजोर कर उसे सरकारी दया पर निर्भर बना दिया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को महात्मा गांधी के नाम से वैचारिक नफरत है, इसी कारण योजनाओं और संस्थानों से गांधी का नाम हटाने की मुहिम लगातार चलाई जा रही है।
“भाजपा के मुंह में राम और दिल में नाथूराम है,” ऐसा कहते हुए श्री महाजन ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस फैसले को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी देशभर में “मनरेगा बचाओ अभियान” चलाएगी। इसके अंतर्गत—
एक दिन का उपवास
पंचायत प्रतिनिधियों एवं मनरेगा मजदूरों से सीधा संवाद
हितग्राहियों के साथ शांतिपूर्ण धरना
सड़क से लेकर विधानसभा एवं संसद तक संघर्ष
किया जाएगा।
उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक यह फैसला वापस नहीं लिया जाता, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
इंदौर जलकांड पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया
प्रेस वार्ता में श्री महाजन ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई करीब 20 मौतों को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 75 वर्षों बाद भी यदि लोग गंदा पानी पीकर जान गंवा रहे हैं, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि आपराधिक लापरवाही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मृतकों की वास्तविक संख्या छुपा रही है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं।
प्रदेश के सबसे बड़े व्यापारिक शहर इंदौर में इस तरह की घटना होना भाजपा शासित नगर निगम, राज्य सरकार और प्रशासन की असंवेदनशीलता एवं नाकामी को उजागर करता है।
श्री महाजन ने स्पष्ट कहा कि इस घटना के लिए—
इंदौर के महापौर
शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
इंदौर प्रशासन
एवं प्रदेश सरकार
सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
11 जनवरी को इंदौर में प्रदेशव्यापी पैदल मार्च
उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर 11 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे इंदौर में प्रदेशव्यापी पैदल मार्च आयोजित किया जाएगा। यह पैदल मार्च बड़ा गणपति मंदिर से राजवाड़ा चौक स्थित मां अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थल तक निकाला जाएगा।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें—
दूषित पानी से हुई मौतों की स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच
दोषियों पर तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज
इंदौर महापौर को तुरंत पद से हटाया जाए
मृतकों के परिजनों को मुआवजा 2 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए
शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का तत्काल इस्तीफा या मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी
श्री महाजन ने बुरहानपुर जिले सहित प्रदेश के सभी कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं, मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों से इस ऐतिहासिक पैदल मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस का आंदोलन नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और भाजपा की दमनकारी नीतियों के खिलाफ प्रदेश की जनता की आवाज है।

इस अवसर पर रविन्द्र महाजन ने कहा कि
“मनरेगा गरीबों का अधिकार है, किसी सरकार की मेहरबानी नहीं। महात्मा गांधी का नाम हटाना भाजपा की गरीब-विरोधी और गांधी-विरोधी सोच को उजागर करता है। कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।”
“इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की आपराधिक लापरवाही का नतीजा हैं। जब तक दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, हमारा संघर्ष थमेगा नहीं।”

इस अवसर पर किशोर देशमुख, हंसराज पाटिल इदरीश खान, विनोद मोरे,शैलेंद्र इंगले राजेंद्र गावंडे,नितिन इंगले,मनीष महाजन,किशोर खांडवेकर,समाधान महेश्री, किशोर चौधरी, संतोष ससाने,अशोक राउत
आदि गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित।

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