
जयपूर मे करेशी जमात का आसान निकाह की मुहीम
जयपूर :संवादाता
राजस्थान के जयपूर से कुरैशी समाज द्वारा शुरू की गई सादगी भरे निकाह की पहल अब एक मजबूत सामाजिक मुहिम का रूप लेती जा रही है। इस पहल के तहत दहेज, भारी-भरकम दावत, मैरिज गार्डन और दिखावे को पूरी तरह नकारते हुए मस्जिदों में सुन्नत के अनुसार निकाह अदा किए जा रहे हैं।
समाज के बुजुर्गों और जिम्मेदार लोगों की अगुवाई में चल रही इस मुहिम का मकसद निकाह को आसान बनाना और गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। “नो दहेज, नो डिनर, नो गार्डन” जैसे साफ संदेश के साथ समाज में यह बात मजबूती से रखी जा रही है कि निकाह इबादत है, प्रदर्शन नहीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले शादी-ब्याह के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने का दबाव रहता था, जिससे कई परिवार कर्ज में डूब जाते थे। अब सादगी अपनाने से न सिर्फ खर्च कम हुआ है, बल्कि बेटियों के निकाह में होने वाली अनावश्यक देरी भी रुकी है।
इस पहल का असर यह भी दिख रहा है कि समाज में आपसी सहयोग और भाईचारा बढ़ा है। मस्जिदों में सीमित मेहमानों की मौजूदगी में, खुतबा और दुआ के साथ निकाह मुकम्मल किया जा रहा है। किसी तरह की दिखावटी रस्मों की जगह सादगी और शरीयत को तरजीह दी जा रही है।
समाज के लोगों को उम्मीद है कि यह मॉडल दूसरे इलाकों और समाजों के लिए भी मिसाल बनेगा। जानकारों का मानना है कि अगर ऐसी पहलें आगे बढ़ती रहीं, तो निकाह को लेकर फैली फिजूलखर्ची और सामाजिक दबाव में बड़ी कमी आ सकती