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सिख गुरुओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और धार्मिक भावनाओं का उल्लंघन करने के लिए आतिशी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग: परमजीत सिंह वीर जी

नई दिल्ली, 9 जनवरी (मनप्रीत सिंह खालसा):- दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग बहादुर जी को लेकर चर्चा चल रही थी। इस दौरान दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता विपक्ष आतिशी मर्लिना ने व्यंग्यात्मक लहजे में “कुत्तों का सम्मान करो” और “गुरुओं का सम्मान करो” जैसे शब्द कहने शुरू कर दिए। गुरबानी रिसर्च फाउंडेशन के प्रमुख और दिल्ली कमेटी के धर्म प्रचार विंग के पूर्व को-चेयरमैन सरदार परमजीत सिंह वीर जी ने कहा कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने से उनके भाषण से वही बात निकल रही है, अगर उन्हें यह नहीं पता कि कब किस शब्द की तुलना किससे करनी है, तो उन्हें किसी भी संवैधानिक संस्था में बोलने का अधिकार भी नहीं होना चाहिए, यह जानबूझकर बिना किसी गलती के दिया गया बयान है, जिसकी जड़ और एजेंडा एक खास पार्टी को भड़काकर पंजाब में सिखों के खिलाफ नफरत का एजेंडा बनाना था, यह बयान भी उसी एजेंडे से निकला है। एक तरफ आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री खुलेआम सिख संस्थाओं के खिलाफ बयान देते हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में उसी पार्टी के विरोधी दल के नेता गुरुओं की तुलना कुत्तों से कर रहे हैं। यह सब उनकी मानसिकता को दिखाता है जहां आस्था, सम्मान और आदर की कोई कीमत नहीं है। यह एक घटिया सोच है, जिसे साफ तौर पर खारिज किया जाना चाहिए। आतिशी मर्लिना सदन में लौटने के बजाय वह दो दिन से सदन से गायब हैं। इससे यह पूरी तरह साबित होता है कि आतिशी मर्लिना भी केजरीवाल के नक्शेकदम पर चल रही हैं। जैसे केजरीवाल दिल्ली से पंजाब भाग गए, वैसे ही आतिशी मर्लिना अब गोवा में घूम रही हैं। आखिर में उन्होंने कहा, हम आतिशी मर्लिना के बयान की कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि विधानसभा स्पीकर उनकी सदस्यता खारिज करें और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।

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