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"DM-SDM "को चार्ज बताकर 20 हजार वसूले ? PDS ऑपरेटर पर गंभीर आरोप

सरसींवा (सारंगढ़-बिलाईगढ़)। क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन, बिलाईगढ़ से जुड़े ऑपरेटर तेजकुमार उर्फ पप्पू साहू पर जैतपुर सरपंच से राशन दुकान दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपये नकद वसूलने का आरोप लगा है।
सarpanch के कथित बयान के अनुसार सितंबर 2025 में आरोपी ने दुकान संचालन का नाम ट्रांसफर कराने की बात कहकर राशि ली। आरोप है कि पप्पू साहू ने कहा था कि “दुकान ट्रांसफर कराने डीएम/एसडीएम को चार्ज देना पड़ेगा, तभी दुकान आबंटित होगी।” इसी बहाने उसने सरपंच से 20,000 रुपये नकद ले लिए।
लेकिन तय समय बीतने के बाद न तो दुकान आवंटित हुई और न ही सरपंच को पैसे लौटाए गए। जब भी दुकान की स्थिति पूछी गई, आरोपी “आज–कल हो जाएगा” कहकर लगातार टालमटोल करता रहा।
सरकारी प्रक्रिया से उलट निजी वसूली का गंभीर आरोप
ज्ञात हो कि सार्वजनिक वितरण दुकान का आबंटन एक पूरी तरह पारदर्शी और शासकीय प्रक्रिया के तहत होता है—
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आवेदन
पात्रता जांच
समिति की अनुशंसा
और सक्षम अधिकारी का अंतिम आदेश
इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का नकद लेन-देन पूरी तरह अवैध और दंडनीय है।
यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो यह मामला धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता, सेवा से बर्खास्तगी, तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई योग्य माना जाएगा। साथ ही वसूली गई राशि की रिकवरी और आपराधिक केस भी संभव है।
प्रशासन पर सवाल—किसके संरक्षण में चल रही मनमानी?
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि आखिर किसके संरक्षण में शासकीय योजनाओं को सौदेबाजी का माध्यम बनाया जा रहा है।
अब आवश्यक है कि जिला प्रशासन व खाद्य विभाग तुरंत प्राथमिक जांच, आरोपी पर नियमित कार्रवाई, और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की प्रक्रिया शुरू करें।
ताकि भविष्य में कोई भी PDS जैसी जनकल्याणकारी योजना को ठगी और वसूली का जरिया न बना सके।

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