
साहित्य मण्डल श्रीनाथद्वारा में देवकी दर्पण का गौरवपूर्ण सम्मान, बाल साहित्य में राष्ट्रीय पहचान
कोटा/देश की सुप्रसिद्ध संस्था साहित्य मण्डल, श्रीनाथद्वारा में आयोजित स्व. श्री भगवती प्रसाद देवपुरा स्मृति समारोह एवं राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी–2026 के तीन दिवसीय कार्यक्रम (5, 6 एवं 7 जनवरी) के दूसरे दिन बून्दी जिले के ख्यातनाम हिन्दी एवं राजस्थानी भाषा के साहित्यकार देवकी दर्पण को उनके उत्कृष्ट बाल साहित्य सृजन के लिए भव्य रूप से सम्मानित किया गया।
इस गरिमामय अवसर पर सम्पूर्ण भारतवर्ष से पधारे सैकड़ों मूर्धन्य साहित्यकारों तथा विनय बाबा की विशेष उपस्थिति में देवकी दर्पण को कंठहार, शॉल, श्रीफल, मेवाड़ी पगड़ी, उत्तरीय, नगद सम्मान राशि से अलंकृत किया गया। साथ ही उन्हें श्री पुरुषोत्तम पालीवाल स्मृति सम्मान–2026, बाल साहित्य भूषण की मानद उपाधि पत्र एवं श्रीनाथ जी की छवि भेंट कर सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि देवकी दर्पण को इससे पूर्व भी अनेक प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। अब तक हिन्दी एवं राजस्थानी भाषा में उनकी 11 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें अमरत को, धोरो, राजस्थानी काव्य, मेघ माल (हिन्दी काव्य), कांकरी घून्दता पग, जाण जातरी जाण (यात्रा वृत्तांत), क्है चकवा सुण चकवी (लोककथा संग्रह), खोल पखेरू पांख, जानिए अक्षर वर्ण, जाण्यां बीण्यां आखर, धजा का धणी (बाल साहित्य) तथा जामणजाई महाकाव्य जैसी महत्वपूर्ण कृतियाँ शामिल हैं।
देवकी दर्पण को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलने पर क्षेत्र के साहित्यकारों एवं रचनाकारों में अपार हर्ष व्याप्त है। उनके पैतृक गांव रोटेदा में भी खुशी की लहर दौड़ गई है और ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है।