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अरुण साव पर टिप्पणी कार्यशैली पर थी, समाज पर नहीं -संजय साहू

सरसींवा (सारंगढ़-बिलाईगढ़):- साहू समाज रायपुर संभाग के पूर्व उपाध्यक्ष एवं वर्तमान परिक्षेत्र अध्यक्ष संजय साहू ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उप मुख्यमंत्री अरुण साव पर की गई टिप्पणी पूरी तरह व्यक्तिगत और राजनीतिक है, इसे साहू समाज के अपमान से जोड़ना गलत है।

संजय साहू ने स्पष्ट किया कि भूपेश बघेल ने बिलासपुर के लिंगियाडीह क्षेत्र में छत्तीसगढ़ी में कहा था—
“बेंदरा ल राजा बना दिस।” इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया था कि अरुण साव के प्रभार वाले नगरीय निकाय, पीडब्ल्यूडी और जल जीवन मिशन जैसे विभागों में काम ठप पड़ा है। बघेल ने अपनी बात समझाने के लिए एक रूपक कथा सुनाई थी। उन्होंने कहा था कि एक बार जंगल में तय हुआ कि इस बार राजा वही बनेगा जो सबसे ज्यादा सक्रिय होगा। सभी जानवरों ने मिलकर बंदर को राजा बना दिया। लेकिन जब एक बघवा हिरण के बच्चे को उठा ले गया, तो राजा बना बंदर उसे बचाने के बजाय एक पेड़ से दूसरे पेड़ कूदता रहा। पूछने पर उसने कहा— “बच्चा बचे या न बचे, लेकिन मेरे प्रयास में कमी नहीं होनी चाहिए।” इसी उदाहरण के जरिए बघेल ने कहा था कि आज यही स्थिति अरुण साव की है।
संजय साहू ने कहा कि यह पूरा बयान प्रशासनिक कार्यशैली और निर्णयहीनता पर व्यंग्य था। इसमें न किसी जाति का उल्लेख है और न समाज का। मैं वर्षों से समाज में सेवा कर रहा हूं और पूरे संदर्भ को देखकर इसे समाज का अपमान नहीं मानता उन्होंने कहा।

उन्होंने समाज और जनता से अपील की कि राजनीतिक व्यंग्य को सामाजिक अपमान का रूप न दिया जाए, क्योंकि इससे अनावश्यक विवाद पैदा होते हैं और असली मुद्दे—जवाबदेही, विकास और जनहित—पीछे छूट जाते हैं।

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