logo

स्मार्ट सिटी में गड्ढों की भरमार, मुख्यमंत्री से की गई शिकायत

रायपुर/छत्तीसगढ़_08/01/2026

राजधानी रायपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा प्राप्त है, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों से उलट नजर आ रही है। ताजा मामला रायपुर नगर निगम के वामनराव लाखे वार्ड क्रमांक 66 कुशालपुर का है, जहां वर्षों से सड़कों की बदहाली लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।

वार्ड के राम-जानकी सामुदायिक भवन, छत्रपति शिवाजी स्कूल के पास, तिरंगा चौक समीक्षा मेडिकल के समीप तथा पहाड़ी तालाब बंजारी मंदिर के आसपास कई स्थानों पर सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये गड्ढे पिछले चार वर्षों से जस के तस हैं और नगर निगम द्वारा अब तक कोई स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई है।

हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग से सांसद, महापौर, विधायक सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से आवागमन करते हैं, इसके बावजूद इन गड्ढों पर अब तक ध्यान नहीं दिया गया। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यह स्थिति केवल एक वार्ड की नहीं, बल्कि रायपुर के लगभग 70 वार्डों में कमोबेश यही हाल है। कहीं सड़क में गड्ढे हैं तो कहीं गड्ढों में सड़क नजर आती है।

सामाजिक कार्यकर्ता विजय सोना ने आरोप लगाया कि ट्रिपल इंजन सरकार के तहत विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर हैं। उन्होंने कहा कि केवल होर्डिंग और फ्लैक्स के जरिए विकास का प्रचार किया जा रहा है, जबकि इन गड्ढों की मरम्मत विज्ञापन बजट के आधे से भी कम खर्च में संभव है।

इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता विजय सोना ने मुख्यमंत्री से औपचारिक शिकायत करते हुए मांग की है कि रायपुर शहर की सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और स्मार्ट सिटी की अवधारणा साकार हो सके।


2
268 views