
पंचशील ध्वज दिवस – 8 जनवरी
पंचशील ध्वज दिवस – 8 जनवरी
पंचशील ध्वज दिवस प्रत्येक वर्ष 8 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस बौद्ध धर्म के महान मूल्यों—शांति, करुणा, अहिंसा और मानवता—का प्रतीक माने जाने वाले बौद्ध ध्वज (पंचशील ध्वज) के सम्मान में समर्पित है।
पंचशील ध्वज के पाँच रंग बौद्ध दर्शन के गहरे अर्थों को दर्शाते हैं—
🔵 नीला : शांति, प्रेम और करुणा का प्रतीक
🟡 पीला : मध्यम मार्ग, संयम और तेज का प्रतीक
🔴 लाल : शक्ति, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक
⚪ सफ़ेद : निर्मलता, सत्य और मुक्ति का प्रतीक
🟠 केसरी/नारंगी : प्रज्ञा (ज्ञान), त्याग और वैराग्य का प्रतीक
यह ध्वज भगवान बुद्ध के शरीर से प्रकट हुई छह रंगों की दिव्य आभा का प्रतिनिधित्व करता है, जो समस्त मानवता के लिए करुणा और जागरूकता का संदेश देती है।
भारत में पंचशील ध्वज का विशेष महत्व है। यह डॉ. बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर और दलित बौद्ध आंदोलन से जुड़ा हुआ एक सशक्त प्रतीक भी है, जो समानता, आत्मसम्मान और सामाजिक न्याय की भावना को प्रकट करता है।
पंचशील ध्वज दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि बुद्ध के पंचशील सिद्धांत आज भी मानव समाज को शांति और समरसता की दिशा दिखाते हैं।
🙏 बुद्धं शरणं गच्छामि | धम्मं शरणं गच्छामि | संघं शरणं गच्छामि 🙏