
तहसील मुसाफिरखाना में प्रशासन व अधिवक्ता का विवाद बढ़ता जा रहा है -अमेठी
मुसाफिरखाना तहसील में प्रशासन–अधिवक्ता टकराव तेज, समर्थन में उतरे पड़ोसी जनपदों के वकील
अमेठी जनपद की मुसाफिरखाना तहसील में तहसील प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच पिछले एक सप्ताह से चला आ रहा विवाद सोमवार को और गहरा गया। अधिवक्ताओं के समर्थन में दीवानी न्यायालय सुल्तानपुर, पड़ोसी जनपद बाराबंकी तथा हाईकोर्ट लखनऊ से बड़ी संख्या में अधिवक्ता मुसाफिरखाना पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं ने मुसाफिरखाना कस्बे में जुलूस निकालते हुए हाथों में विरोध की तख्तियां लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन का रवैया लगातार अधिवक्ता समाज के प्रति उपेक्षापूर्ण रहा है, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
गौरतलब है कि सोमवार को जिले की सभी तहसीलों में तहसील दिवस का आयोजन भी किया गया था। इसी क्रम में मुसाफिरखाना तहसील में अपर पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अमेठी सचिन कुमार सिंह तहसील दिवस में मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन के बाद अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सीडीओ को सौंपा।
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांगें तहसील स्तर पर उत्पन्न विवाद, प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार और अधिवक्ताओं के सम्मान से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच और शीघ्र समाधान की मांग की।
मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी सभी मांगों और शिकायतों को जिला अधिकारी अमेठी तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही एक समिति गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी, जिसके आधार पर उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। सीडीओ के आश्वासन के बाद फिलहाल प्रदर्शन शांत हुआ, लेकिन अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद तहसील परिसर और कस्बे में दिनभर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाओं का माहौल बना रहा। जिले भर के अधिवक्ता संगठनों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।