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विकास योजनाओं में लापरवाही पर सख्त रुख, लंबित कार्यों को फरवरी–मार्च तक पूरा करने का निर्देश

जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम):
उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार समाहरणालय सभागार में विभिन्न मदों से संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त श्री नागेन्द्र पासवान ने की। बैठक में अनाबद्ध निधि, डीएमएफटी, नीति आयोग फंड, एमपी/एमएलए लैड तथा सीएसआर से संबंधित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में पुल-पुलिया, पहुंच पथ, पीसीसी सड़क, पेयजल स्रोत, विद्यालयों में अतिरिक्त कमरा निर्माण, शौचालय निर्माण, तालाबों में गार्डवाल, कल्वर्ट निर्माण सहित अन्य योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि योजनाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। जिन योजनाओं में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां तकनीकी जांच रिपोर्ट समर्पित करने का भी निर्देश दिया गया।
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ योजनाएं स्थानीय विवाद या भूमि संबंधी समस्याओं के कारण लंबित हैं। इस पर उप विकास आयुक्त ने अंचलाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को संयुक्त निरीक्षण कर शीघ्र समाधान निकालने का निर्देश दिया। वहीं, संवेदकों की लापरवाही से लंबित योजनाओं के मामलों में नियमों के अनुरूप ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।
जिला योजना अनाबद्ध निधि अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 117 योजनाओं में से लगभग 60 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष अपूर्ण हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 59 योजनाओं में 90 प्रतिशत से अधिक योजनाएं अभी अपूर्ण हैं, हालांकि उनकी निर्धारित अवधि शेष है। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि फरवरी–मार्च तक सभी लंबित योजनाओं में शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए।
नीति आयोग मद अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिले में 6 योजनाएं संचालित हैं, जिनमें साल पत्ता प्लेट एवं कप उत्पादन यूनिट, जनजाति बहुल क्षेत्रों में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण, ट्रांसजेंडर एवं महिलाओं के लिए फूड कार्ट, लाइब्रेरी सह रिसोर्स सेंटर तथा 68 सरकारी विद्यालयों में रसोई कक्ष निर्माण शामिल हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, साइंस सेंटर, दीक्षा शिक्षा केंद्र, बैंबू आर्टिसन ट्रेनिंग एवं डिजिटल शिक्षा केंद्र से संबंधित 7 प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं।
डीएमएफटी मद अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक स्वीकृत 428 योजनाओं में से लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 5 योजनाएं तकनीकी कारणों से रद्द की गई हैं। शेष अपूर्ण योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को दिए गए। एमपी-एमएलए लैड योजनाओं की समीक्षा करते हुए जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने तथा पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
बैठक में निदेशक एनईपी श्री संतोष गर्ग, प्रभारी जिला योजना पदाधिकारी श्री सुदीप्त राज, एनआरईपी, विशेष प्रमंडल, भवन निर्माण, जिला परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
— आनंद किशोर
ब्यूरो चीफ, अखंड भारत न्यूज
ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन

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