logo

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत GPDP थीम चयन एवं क्षमता वर्धन पर विस्तृत प्रशिक्षण आयोजित


राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत GPDP थीम चयन एवं क्षमता वर्धन पर विस्तृत प्रशिक्षण आयोजित

सीतामढ़ी।
जिला पंचायती राज पदाधिकारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के अंतर्गत सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रति पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों में स्पष्ट समझ विकसित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुवात जिला पंचायत संसाधन केंद्र, सीतामढ़ी में किया गया। यह प्रशिक्षण 07 जनवरी से 12 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आगामी ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) को अधिक सहभागी, समावेशी और परिणामोन्मुखी बनाना रहा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाजपट्टी, बैरगनिया, बेलसंड एवं बथनाहा प्रखंडों के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, मुखिया, पंचायत सचिव एवं पंचायत कार्यपालक सहायकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सत्रों के माध्यम से GPDP के निर्माण की प्रक्रिया, थीम आधारित योजना, ग्राम सभा की भूमिका, प्राथमिकताओं के निर्धारण तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के चयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों का क्षमता वर्धन करते हुए यह बताया गया कि किस प्रकार पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग कर योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारा जा सकता है। साथ ही विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उच्च व्यय वाले कार्यों के अलावा कम व्यय एवं बिना व्यय वाले कार्यों और सूचकों को भी GPDP में सम्मिलित करने पर विशेष बल दिया गया। इससे पंचायतों में विकास कार्यों की निरंतरता और व्यापक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सकेगा।
प्रशिक्षण में पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार, DPRC शंकर कुमार एवं अदिति संस्था के जिला प्रतिनिधि के द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। उनके द्वारा थीम चयन, संकेतकों (इंडिकेटर्स) की पहचान, निगरानी एवं मूल्यांकन की प्रक्रिया तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया गया।
अंत में जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने सभी प्रतिभागियों से अपेक्षा की कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपनी-अपनी पंचायतों में लागू कर GPDP को जनभागीदारी के साथ तैयार करें, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके और समग्र ग्रामीण विकास को गति मिल सके।

0
46 views