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नकल, निलंबन और सेक्स स्कैंडल के आरोपों से घिरे प्राचार्य एल.पी.पटेल पर फिर सवाल : व्यापम परीक्षाओं से हटाने की माँग तेज

छत्तीसगढ़ की परीक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता एक बार फिर कठघरे में है। पी.एम.श्री सेजेस सारंगढ़ के प्राचार्य एल.पी. पटेल के खिलाफ वर्षों से चले आ रहे गंभीर आरोपों और विभागीय कार्रवाईयों के बावजूद उन्हें व्यापम जैसी संवेदनशील परीक्षाओं के दायित्व में बनाए रखने पर कड़ा विरोध दर्ज किया गया है। इसके लिए एक दस्तावेज़-आधारित विस्तृत आवेदन छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) के अध्यक्ष को सौंपा गया है, जिसमें भविष्य की सभी परीक्षाओं से पटेल को तुरंत पृथक करने की मांग की गई है।

बेटी को नकल कराकर प्रदेश में तीसरा स्थान दिलाने का मामला
आवेदन में वर्ष 2009–10 का संदर्भ देते हुए कहा गया है कि ओपन स्कूल की कक्षा 12वीं परीक्षा में, जहाँ एल.पी. पटेल स्वयं परीक्षा केंद्राध्यक्ष थे, वहीं उन्होंने अपनी पुत्री कु. पूजा पटेल को उसी केंद्र में परीक्षा दिलाई। जांच में नकल व पद दुरुपयोग सिद्ध होने पर उनकी पुत्री का परिणाम निरस्त किया गया और पटेल को ओपन स्कूल से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया |

2012 का सेक्स स्कैंडल और निलंबन
शिकायत में वर्ष 2012 की वह घटना भी शामिल है, जिसमें एल.पी. पटेल को उनके शासकीय आवास में एक सेक्स वर्कर के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने पर उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया था। यह मामला व्यापक रूप से मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था।

स्कूल में अवैध वसूली और कर्मचारी की रिश्वतखोरी
कापन स्थित शासकीय विद्यालय में प्राचार्य रहते हुए पटेल पर प्रति छात्र ₹500 अवैध वसूली का आरोप जांच में सही पाया गया।
अक्टूबर 2024 में उनके अधीनस्थ आरटीई शाखा के कर्मचारी को ₹50,000 रिश्वत लेते हुए एसीबी ने गिरफ्तार किया, जिसका संबंध भी प्रशासनिक नियंत्रण तथा स्टाफ प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं से जोड़ा गया है।

परीक्षा के दौरान नियमों का उल्लंघन और विभागीय विसंगतियाँ
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान पटेल ने कलेक्टर की अनुमति के बिना उड़नदस्ता दल में बदलाव किया।
उन पर युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया, कर्मचारियों को मानसिक प्रताड़ना, और छ.ग. मूलभूत नियम 44 (पति-पत्नी का एक ही कार्यालय में पदस्थापन निषिद्ध) के उल्लंघन के आरोप भी लगाए गए हैं।
उनकी पत्नी सुषमा पटेल को कथित रूप से नियम विरुद्ध सेजेस विद्यालय में पदस्थ कराने पर विभाग ने आदेश निरस्त किया, जिस पर न्यायालय ने भी टिप्पणी की।

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का आरोप
आवेदन में शासकीय भूमि पर अनधिकृत कब्जे का भी उल्लेख है, जिस पर राजस्व विभाग में अलग से प्रकरण दर्ज है।
‘इतने आरोपों के बाद भी परीक्षा दायित्व में रखना गंभीर खतरा’
शिकायतकर्ता चूड़ामणि गोस्वामी, व्याख्याता सह मास्टर ट्रेनर (व्यापम परीक्षा), वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोड़म, ने कहा कि
“बार-बार सिद्ध हुए कदाचारों वाले शिक्षक को व्यापम जैसी अत्यंत संवेदनशील परीक्षा में केंद्राध्यक्ष या किसी भी दायित्व में रखना पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता के लिए खतरा है।”
उन्होंने व्यापम अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि एल.पी. पटेल को भविष्य में आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं के दायित्वों से तत्काल हटाया जाए।

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