
डबल सीसी रोड के नीचे पाइपलाइन लीकेज, सियाणा क्षेत्र में पेयजल संकट गहराया
जालोर (दलपतसिंह भायल ) जिले के सियाणा क्षेत्र में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। ग्रामीणों को लगातार दूसरे दिन भी पानी की आपूर्ति नहीं मिल पाएगी, जिससे आमजन की परेशानियां दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं।
बस स्टैंड स्थित महादेवजी मंदिर के सामने डबल सीसी रोड के नीचे पाइपलाइन में गंभीर लीकेज हो गया है। मरम्मत के लिए कर्मचारी हेमर मशीन से सड़क तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन डबल सीसी रोड अत्यंत मजबूत होने के कारण लीकेज स्थल तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से मरम्मत कार्य में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है।
वहीं, कनिष्ठ अभियंता (JEN) तरुण कुमार ने बताया कि कल जेसीबी मशीन से सड़क तोड़कर पाइपलाइन की मरम्मत की जाएगी। यदि कार्य समय पर पूरा हो जाता है तो पानी की आपूर्ति परसों से बहाल किए जाने की संभावना है।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए मरम्मत कार्य में कम से कम 8 से 10 दिन का समय लग सकता है। विभाग की ओर से कल शाम तक कार्य पूरा करने की बात कही जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों में इसे लेकर असमंजस बना हुआ है।
गौरतलब है कि सियाणा क्षेत्र में लंबे समय से पानी की सप्लाई नियमित नहीं हो पा रही है। कभी दोनों बूस्टर जल जाते हैं तो कभी एक बूस्टर खराब हो जाता है। लगातार तकनीकी खामियों के कारण ग्रामीणों को बार-बार पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
क्या पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की कोई ठोस योजना नहीं है?
क्या यह पूरी व्यवस्था की गंभीर खामी है?
या फिर कर्मचारियों की लापरवाही के चलते यह संकट लगातार बना हुआ है?
लगातार मोटर जलना, पाइपलाइन लीकेज और पानी की सप्लाई बाधित रहना अब आम बात हो चुकी है। ग्रामीण यह जानना चाहते हैं कि हर बार पानी की समस्या का वास्तविक कारण क्या है और जब आमजन निरंतर परेशान है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी बनती है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि नर्मदा प्रोजेक्ट के तहत सड़क खुदाई के दौरान नालियों और नल कनेक्शनों को नुकसान पहुंचाया गया, जिसके बाद से ही क्षेत्र की जल आपूर्ति व्यवस्था लगातार बिगड़ती चली गई।
सियाणा क्षेत्र इन मूलभूत समस्याओं से कब मुक्त होगा, यह भविष्य के गर्भ में है। फिलहाल आवश्यकता इस बात की है कि संबंधित विभाग स्थायी समाधान, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करे, ताकि ग्रामीणों को इस गंभीर संकट से जल्द राहत मिल सके