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एसएनसीयू में 39 दिनों तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद, एक साथ जन्मे तीन बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं

एमपी में सतना जिला अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने वह कर दिखाया है, जो यहां के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। एसएनसीयू में 39 दिनों तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद, एक साथ जन्मे तीन बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं। आमतौर पर कम वजन वाले तीन बच्चों में से सभी को बचा पाना एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन सतना जिला अस्पताल में यह पहला मौका है जब ट्रिपलेट प्रसव के बाद तीनों नवजात सुरक्षित डिस्चार्ज किए गए।दरअसल मैहर क्षेत्र के बुडेखन गांव की रहने वाली 28 वर्षीय रंजना पटेल को 21 नवंबर को प्रसव पीड़ा के बाद जिला अस्पताल लाया गया था। परिजनों को पहले से पता था कि गर्भ में तीन बच्चे हैं। मैहर की रंजना पटेल ने 1.4kg, 1.6kg और 1.0kg वजन वाले तीन बच्चों को जन्म दिया था। जन्म के समय तीनों बच्चे बेहद कमजोर थे। उनका वजन सामान्य से काफी कम था।
एसएनसीयू में 1 महीना 9 दिन चला इलाज
बच्चों का वजन कम होने के कारण उन्हें तुरंत गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों की टीम ने दिन-रात उनकी निगरानी की। लगातार 1 माह 9 दिन (करीब 40 दिन) तक चले इलाज और देखभाल के बाद 30 दिसंबर को तीनों बच्चों का वजन बढ़ा और वे पूरी तरह स्वस्थ हो गए। इसके बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।

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