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स्वर्णकार समाज की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए स्वर्ण कला बोर्ड की स्थापना अत्यंत आवश्यक - विशाल वर्मा

अमरोहा हसनपुर:- क्षेत्रीय सह सोशल मीडिया प्रभारी भाजपा किसान मोर्चा पश्चिम उ०प्र० विशाल वर्मा जी ने कहा कि
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने समाज के हर वर्ग के उत्थान और विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई हैं। स्वर्णकार समाज, जो पीढ़ियों से स्वर्ण आभूषणों के निर्माण और व्यापार से जुड़ा हुआ है, एक ऐसा समुदाय है जो देश की सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखता है। इस समाज की पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करने, उसे आधुनिक तकनीक से जोड़ने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वर्ण कला बोर्ड का गठन एक दूरदर्शी कदम हो सकता है।
स्वर्णकार समाज वर्षों से हस्तकला, आभूषण निर्माण और नक्काशी जैसे कार्यों में निपुण रहा है,
लेकिन आधुनिक युग की चुनौतियों, मशीनरी के बढ़ते प्रयोग और बड़े ब्रांडों की प्रतिस्पर्धा के चलते यह पारंपरिक व्यवसाय संकट में आता जा रहा है। ऐसे में सरकार द्वारा एक स्वायत्त स्वर्ण कला बोर्ड का गठन न केवल इस समाज को प्रोत्साहन देगा, बल्कि पारंपरिक कलाओं को भी एक नई पहचान दिलाएगा।
स्वर्ण कला बोर्ड का मुख्य उद्देश्य स्वर्णकार समाज के युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण देना, उन्हें डिज़ाइनिंग, मार्केटिंग और ई-कॉमर्स जैसी नई तकनीकों से जोड़ना, और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारना होना चाहिए। यह बोर्ड विभिन्न जिलों में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर सकता है जहाँ स्वर्णकारों को न केवल पारंपरिक तकनीकों का उन्नयन सिखाया जाए, बल्कि नई तकनीकों से भी परिचित कराया जाए।
इसके अलावा, बोर्ड के माध्यम से स्वर्णकारों को आसान ऋष्टा सुविधा, कच्चे माल की उपलब्धता और निर्यात के लिए सहायता दी जा सकती है। यदि यह बोर्ड राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की स्वर्ण कला का प्रचार-प्रसार करे तो यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।
इस बोर्ड का एक और महत्वपूर्ण कार्य होगा-स्वर्णकार समाज के युवाओं में उद्यमिता की भावना को जागृत करना। इसके अंतर्गत सरकार द्वारा स्टार्टअप योजनाओं में विशेष रियायतें दी जा सकती हैं जिससे युवा स्वर्णकार नए विचारों के साथ अपना व्यवसाय आरंभ कर सकें। वर्तमान में कई पारंपरिक कारीगर अपने हुनर के बावजूद बेरोजगारी और गरीबी का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यदि योगी सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाती है, तो न केवल यह समाज मुख्यधारा में आएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश देश का स्वर्ण कला केंद्र बन सकता है। स्वर्णकार समाज की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए स्वर्ण कला बोर्ड की स्थापना एक अत्यंत आवश्यक और लाभकारी कदम सिद्ध हो सकता है। यह न केवल पारंपरिक कारीगरी को संरक्षित करेगा, बल्कि नई पीढ़ी को स्वावलंबी और सक्षम भी बनाएगा। योगी सरकार से अपेक्षा है कि वह इस पहल को गंभीरता से लेते हुए जल्द इसकी घोषणा करे।

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