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31 साल बाद मिला इंसाफ, दरभंगा कोर्ट ने चर्चित अधिवक्ता अंबर इमाम हाशमी समेत 4 को हत्या का दोषी माना

दरभंगा 31 बर्ष पूर्व पटोरी बसंत गाँव में फायरिंग हत्या मामले में दोषी करार ! सज़ा 31 जनवरी को सुनाई जाएगी

दरभंगा : 31 बर्ष पूर्व विशनपुर थानाक्षेत्र के पटोरी बसंत में हुए हत्या मामले में अलग अलग चल रहे दो सत्रवाद में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया। अदालत ने कुल पांच आरोपी को हत्या मामले में दोषी पाते हुए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। अदालत ने सजा के विंदु पर सुनवाई के लिए 31 जनवरी की तिथि सुनाई है। अदालत ने दोषी कौशर इमाम हाशमी, अम्बर इमाम हाशमी, राजा हाशमी, मोइन हाशमी और अंजार हाशमी को भादवि की धारा 302, 307 एवं 149 तथा 27 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया है।
लोक अभियोजक अमरेन्द्र नारायण झा ने बताया कि
8 अगस्त 1994 को दर्ज विशनपुर थाना कांड संख्या- 58/1994 से बने दो सत्रवाद संख्या- 326/1999 एवं 320/2010 में अदालत ने आज अपना निर्णय सुनाया । मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक रेणु झा एवं अधिवक्ता चंद्रकांत सिंह ने अपना पक्ष रखा। रेणु झा ने बतायी कि सत्रवाद संख्या 326/2099 में अभियोजन की ओर से 16 साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किया गया वहीं वचाव पक्ष की ओर से 23 साक्षियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया तथा सत्रवाद संख्या 320/2010 में अभियोजन की ओर से 16 साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किया गया वहीं वचाव पक्ष की ओर से 19 साक्षियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया. अदालत ने सुनबाई के पश्चात सत्रवाद संख्या- 326/1999 के आरोपी
अम्बर इमाम हाशमी, राजा हाशमी, मोइन हाशमी और अंजार हाशमी तथा सत्र वाद संख्या- 320/2010 में आरोपी कौशर इमाम हाशमी को भादवि की धारा 302, 307 एवं 149 तथा 27 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते हुए बंध पत्र खंडित कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है।वहीं इसी मामले के पलटा मुकदमा विशनपुर थाना कांड संख्या- 57/1994 से बने सत्र वाद संख्या 395/1998 के आरोपी नवीन कुमार चौधरी सहित सभी सात आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में रिहा करने के आदेश दिया है।
विदित हो कि पटना उच्च न्यायालय ने 31 बर्ष पुराने इस हत्याकांड मामले में आरोपियों की उपस्थिति में मामले का समयवद्ध न्याय निर्णय का आदेश पूर्व में दिया था।

क्या है पूरा मामला

दरभंगा जिला अंतर्गत विशनपुर थाना क्षेत्र के बसंत पटोरी गांव में 8 अगस्त 1994 को कब्रिस्तान और रास्ते को लेकर दो समुदाय के बीच विवाद उत्पन्न हुआ। विवाद में विशनपुर थानाक्षेत्र के बसंत पटोरी गांव के लोगों के बीच हुए बिबाद में दर्जनों राउण्ड फायरिंग की घटना हुई। इसमें पटोरी गांव के किसान रामकृपाल चौधरी की घटनास्थल पर हीं मौत हो गई थी। वहीं बन्दूक से की गई फायरिंग में गोली लगने से आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। गोलीकांड में पटोरी गांव के मोहन चौधरी, रविन्दर चौधरी, अशोक चौधरी, कैलाश बिहारी चौधरी, संगीत चौधरी, रामपुकार चौधरी गंभीर रुप से घायल हो गए थे। इस मामले में अधिवक्ता कौशर इमाम हाशमी, अंबर इमाम हाशमी सहित अन्य लोग नामजद आरोपी बनाए गये थे। इस वाद के दोनो अधिवक्ता आरोपी भाईयों के अलावे कुछ मुदालह को छोड़कर अधिकांश हत्यारोपियों की मृत्यु हो चुकी है। इस मामले को ले पीड़ित पक्ष के राम पुकार चौधरी के आवेदन पर विशनपुर थाना में प्राथमिकी संख्या- 58/1994 दर्ज की गई थी। उक्त मामले से दो अलग अलग सत्र वाद संख्या-326/1999 तथा 320/2010 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय सुमन कुमार दिवाकर की अदालत में चल रही है।

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