
विशेष प्रभु भोज आराधना में शांति, एकता और सेवा का संदेश दिया गया
खतौली। एपिफेनी चर्च सीएनआई खतौली में चर्च का 89वां जन्मदिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर चर्च परिसर में प्रभु भोज की विशेष आराधना का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। आराधना के दौरान चर्च परिसर स्तुति, प्रार्थना और भजनों से गूंज उठा। आराधना का शुभारंभ पादरी सुशील कुमार की प्रार्थना से हुआ। इसके पश्चात “बोलो जय मिलकर जय”, “तेरे समक्ष शीश नवाते हैं”, “जग के करतार अब इंसानों सर झुकाओ” सहित अन्य गीतों के माध्यम से परमेश्वर की स्तुति और महिमा की गई। विशेष प्रेज एवं वर्शिप टीम द्वारा प्रस्तुत गीतों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इस अवसर पर पादरी सुशील कुमार ने चर्च के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 1937 में पादरी जे. डी. निकोलस मशीनरी (प्रभु के सेवक) द्वारा खतौली आकर एपिफेनी चर्च की आधारशिला रखी गई थी। इसके पश्चात लोगों की आराधना के लिए चर्च का निर्माण हुआ, जो आज आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बन चुका है। आराधना के दौरान बाइबल का पाठ बाबरा जैकब, सुनीता चार्ल्स तथा पादरी सुशील कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम में पास्ट्रेट कमेटी की ओर से विशेष अतिथि पादरी डॉक्टर दयाल एम. लाल का स्वागत किया गया, जो मॉरीसन मेमोरियल चर्च के इंचार्ज एवं देहरादून के डीन हैं। अपने प्रवचन में पादरी डॉक्टर दयाल एम. लाल ने कहा कि यीशु मसीह ने संसार को उद्धार, शांति, आनंद और एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब हम एक-दूसरे की सहायता करते हैं, प्रेम और भाईचारे के साथ रहते हैं, तभी यीशु के संदेश को अपने जीवन में साकार करते हैं। उनका प्रवचन उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायक रहा। इस अवसर पर मेथोडिस्ट चर्च खतौली के प्रीसेट इंचार्ज पादरी एस. टी. गिल की उपस्थिति से भी आराधना और अधिक गरिमामय बनी। श्रद्धालुओं ने इसे ईश्वर का विशेष आशीर्वाद बताया। आराधना के उपरांत प्रभु भोज का आयोजन किया गया, जिसमें चर्च के सदस्यों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से आए अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे आयोजन में आपसी प्रेम, सेवा और सौहार्द की भावना देखने को मिली। कार्यक्रम के अंत में पादरी सुशील कुमार ने सभी अतिथियों, चर्च सदस्यों, वर्शिप टीम तथा उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जॉन विक्टर, इमानुएल, रेशमा, पैंजी, शीला, शीशपाल, भजनों, जेनिफर, अनिका, जोना, निधि, दीपक, एस्टर, जैकब, लेमेक, मीनू सहित बड़ी संख्या में चर्च सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।