
दांतों में दर्द होने पर लापरवाही न बरतें : डॉ. रूपम ।
दांतों में दर्द होने पर लापरवाही न बरतें : डॉ. रूपम । ठंड के मौसम में दांतों की संवेदनशीलता, मुंह का सूखना और मसूड़ों की बीमारियां आम समस्या बन जाती हैं। तापमान में गिरावट के कारण दांतों में दर्द और झनझनाहट बढ़ जाती है। उक्त बातें उषा डेंटल क्लिनिक एंड इंप्लांट सेंटर, की दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. रूपम कुमारी रूपम ने कहीं।
डॉ. रूपम ने बताया कि ठंड बढ़ने पर तापमान में बदलाव के कारण दांत फैलते और सिकुड़ते हैं, जिससे दांतों की ऊपरी परत में सूक्ष्म दरारें पड़ जाती हैं। यही दरारें दांतों में दर्द और संवेदनशीलता का प्रमुख कारण बनती हैं। इसके अलावा सर्दियों में लोग कम पानी पीते हैं, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन होता है और लार का निर्माण कम हो जाता है। लार की कमी से मुंह में बैक्टीरिया बढ़ते हैं, जो मसूड़ों में संक्रमण और सूजन का कारण बन सकते हैं।
उन्होंने सलाह दी कि सर्दियों में दांतों की देखभाल के लिए सेंसिटिव टूथपेस्ट और नरम व मुलायम ब्रिसल वाले टूथब्रश का इस्तेमाल करें। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीते रहें। ठंडी हवा से बचाव के लिए गर्म कपड़े और स्कार्फ का उपयोग भी लाभदायक है।
डॉ. रूपम ने कहा कि यदि दांतों में दर्द अधिक हो या लंबे समय तक बना रहे, तो लापरवाही न करें और तुरंत दंत चिकित्सक से परामर्श लें। सही देखभाल और सावधानियों से सर्दियों में दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है और दर्द से बचा जा सकता है।