
पेयजल पाइप लाइन नालिया से गुजरने पर जल दूषण का गंभीर खतरा।
अमृत योजना की पेयजल पाइपलाइन नालियों से गुजरने पर जल दूषण का गंभीर खतरा
रिपोर्टर - भगवानदास शाह
जिला बुरहानपुर मध्यप्रदेश
इंदौर की घटना से सबक लेते हुए बुरहानपुर में समय रहते जांच व सुधार की मांग
बुरहानपुर |
इंदौर के भगिरथपुरा क्षेत्र में हाल ही में घटित भीषण घटना, जहाँ सीवरेज लाइन की लीकेज से नर्मदा जल पाइपलाइन दूषित होने के कारण 200 से अधिक नागरिक गंभीर रूप से बीमार हुए तथा 14 नागरिकों की असामयिक मृत्यु हुई, ने प्रदेश की पेयजल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
इसी क्रम में ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर ने अपर कलेक्टर जिला बुरहानपुर राजेश पाटीदार को ज्ञापन सौंपा। और यह गंभीर चिंता व्यक्त की है कि बुरहानपुर जिले में अमृत योजना के अंतर्गत बिछाई गई कई पेयजल पाइपलाइनें नालियों एवं सीवरेज लाइनों के बीच अथवा उनके अत्यंत समीप से होकर गुजर रही हैं, जो भविष्य में बड़े जनस्वास्थ्य संकट को जन्म दे सकती हैं।
समिति अध्यक्ष सरिता भगत ने चिंताजनक तथ्य रखते हुए बताया, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दूषित पेयजल से होने वाली बीमारियाँ (डायरिया, टायफाइड, हेपेटाइटिस-A/E) लाखों लोगों को प्रभावित करती हैं। इसलिए पानी से जो शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन लीकेज एवं सीवरेज संपर्क से जल दूषण की संभावना 5 से 10 गुना तक बढ़ जाती है, विशेषकर पुराने या निम्न गुणवत्ता वाले पाइपों में।
समिति संरक्षक राजीव खेडकर ने कहा बुरहानपुर नगर क्षेत्र में पूर्व में भी दूषित पानी की शिकायतें नगर निगम में दर्ज हो चुकी हैं, तथा कई नागरिकों के बीमार होने की घटनाएँ सामने आई हैं।
वरिष्ठ सदस्य अताउल्ला खान ने समिति की और से जिला प्रशासन से जनहित में निम्नलिखित त्वरित कदम उठाने की मांग की है—
1. अमृत योजना अंतर्गत समस्त पेयजल पाइपलाइनों की तत्काल तकनीकी एवं स्वास्थ्य विभागीय संयुक्त जांच कराई जाए।
2. जो पाइपलाइनें नालियों या सीवरेज लाइनों के संपर्क में हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाकर पुनः सुरक्षित स्थान पर बिछाया जाए।
3. जल आपूर्ति से पूर्व पानी की गुणवत्ता जांच (BIS मानक IS:10500) की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
4. लापरवाह ठेकेदारों एवं संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
5. जांच अवधि के दौरान नागरिकों के लिए अस्थायी स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ताप्ती सेवा समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बुरहानपुर में भी इंदौर जैसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
समिति ने जिला कलेक्टर से अपील की है कि जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। अध्यक्ष श्रीमती सरिता भगत धर्मेंद्र सोनी
अत्ताउल्लाह खान डॉक्टर युसूफ खान अभय बालापुर कर राम अग्रवाल दीपक पाटिल आदि लोग मौजूद थे