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जालौन में गुंडई बेलगाम, झंडा चौराहे पर सरेआम मारपीट पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में

भीम राजावत
जालौन। नगर जालौन में कानून व्यवस्था मानो अपराधियों के रहमोकरम पर चल रही हो आए दिन हो रही मारपीट की घटनाओं ने आम नागरिकों को भयभीत कर दिया है, जबकि पुलिस की भूमिका लगातार मूकदर्शक बनती नजर आ रही है। हालात यह हैं कि अब सरेआम गुंडई होती है और कानून का डर अपराधियों के चेहरे से पूरी तरह गायब दिखाई देता है।

बीते 28 दिसंबर को हुई मारपीट की घटना पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी कि पुलिस की कथित खामोशी पर सवाल उठने लगे थे। इसी बीच आज रात करीब 9:30 बजे झंडा चौराहे पर एक और सनसनीखेज घटना सामने आई। चौराहे पर अंडे की दुकान चलाने वाले एक छोटे व्यापारी को दबंगों ने भीड़ के बीच सरेआम पीट दिया। घटना स्थल ऐसा, समय ऐसा और अंदाज ऐसा कि मानो अपराधियों को न पुलिस का डर है, न कानून का।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरी वारदात झंडा चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद बताई जा रही है। इसके बावजूद सवाल यह है कि जब सबूत मौजूद हैं, तो आरोपियों पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? योगीराज में अपराध पर सख्ती के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जालौन में जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि चौराहों पर खुलेआम मारपीट होगी और पुलिस आंख मूंदे बैठी रहेगी, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा? जनता की साफ मांग है कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि कानून का भय दोबारा स्थापित हो सके।

अब निगाहें जालौन पुलिस पर टिकी हैं। सवाल सीधा है
क्या पुलिस अब भी नींद में रहेगी या फिर इस बार गुंडई के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी
या यह मामला भी पहले की तरह फाइलों में दबकर ठंडे बस्ते में चला जाएगा यह आने वाला वक्त बताएगा।

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