
अपराधियों के लिए आख़िरी चेतावनी: बिहार में अब या तो जेल, या मुठभेड़
पटना।
नये साल की शुरुआत के साथ ही बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन ने अपराधियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। पुलिस मुख्यालय और बिहार स्पेशल टास्क फोर्स ने प्रदेश के टॉप कुख्यात अपराधियों की सूची तैयार कर यह साफ कर दिया है कि अब अपराध और अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। पुलिस का संदेश दो टूक है—आत्मसमर्पण करो या कानून की सख्त कार्रवाई झेलो।
पहले ही दिन सख्ती का संकेत
साल के पहले दिन दानापुर में हुई पुलिस मुठभेड़ ने साफ कर दिया कि यह केवल चेतावनी नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतर चुकी कार्रवाई है। भाग रहे कुख्यात अपराधी को गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब हर अपराधी की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।
हर जिले में विशेष टास्क टीम
राज्य के हर जिले और हर जोन में विशेष टास्क टीमें गठित कर दी गई हैं। टॉप अपराधियों की दिन-रात निगरानी हो रही है।
मोबाइल लोकेशन
कॉल डिटेल
सोशल नेटवर्क
आर्थिक लेन-देन
हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जो भी अपराधी पकड़े जाने से बचने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सीधी और कठोर कार्रवाई होगी।
कुख्यात अपराधियों की सूची सार्वजनिक
पुलिस ने पटना, कोसी, मगध और शाहाबाद क्षेत्रों के टॉप अपराधियों की पहचान कर ली है। इनमें हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी और गैंगवार के आरोपी शामिल हैं। कई अपराधियों पर इनाम घोषित है और कुछ पर दर्जनों मुकदमे लंबित हैं।
पुलिस का दावा है कि सूची में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कहीं भी छिपा हो।
गृह विभाग का सख्त संदेश
गृह विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि
“बिहार में अपराधियों को संरक्षण देने का दौर खत्म हो चुका है। कानून तोड़ने वालों के लिए अब सिर्फ जेल है।”
सरकार ने पुलिस को पूरी छूट दे दी है कि वह कानून के दायरे में रहकर सबसे सख्त कार्रवाई करे।
सात महीनों में 15 मुठभेड़, आगे और तेज़ी
बीते सात महीनों में बिहार STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 15 मुठभेड़ हुई हैं। दो कुख्यात अपराधी ढेर किए गए, जबकि 14 को गोली मारकर गिरफ्तार किया गया। कई राज्यों में छापेमारी कर गिरोहों की कमर तोड़ी गई है।
अपराधियों को खुली चेतावनी
पुलिस और प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि
“जो सुधर जाएगा, वह बचेगा; जो नहीं सुधरेगा, उस पर कानून अपना काम करेगा।”
बिहार में अब अपराध नहीं, कानून बोलेगा। यह सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में और भी बड़े अभियानों का संकेत है।