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"खामोश दर्द की आवाज़: राजकुमार के जीवन के वो पन्ने जिन्हें पढ़कर आप भी भावुक हो जाएंगे।"

​ब्यूरो रिपोर्ट | दिल्ली (उत्तरी पूर्वी दिल्ली)
​भूमिका: Jitendra Saini | Anamika Singh
रिश्ते भरोसे और सम्मान की बुनियाद पर टिके होते हैं, लेकिन जब ससुराल पक्ष और जीवनसाथी ही मानसिक प्रताड़ना का जरिया बन जाएं, तो इंसान का वजूद बिखर जाता है। राजकुमार की यह कहानी समाज के उस कड़वे सच को उजागर करती है जहाँ एक पुरुष अपनी उदारता और स्वाभिमान की भारी कीमत चुका रहा है।
​1. विवाह पूर्व के संकेत और राजकुमार की उदारता
​राजकुमार बताते हैं कि विवाह तय होते ही उनकी होने वाली पत्नी (राजकुमारी) के चरित्र पर गंभीर सवाल उठे थे। लड़की के सगे भाई की ऑडियो रिकॉर्डिंग में कई संदिग्ध संबंधों का जिक्र था। रिश्तेदारों के विरोध के बावजूद राजकुमार ने सोचा कि लड़की शायद परिस्थितियों की शिकार है और उसे प्यार देकर सुधारा जा सकता है। पर पत्थरदिली तब दिखी जब शादी से पहले राजकुमार के एक्सीडेंट पर हमदर्दी के बजाय जवाब मिला— "ध्यान कहीं और होगा।"
​2. गाड़ी का विवाद.....
​विवाह के समय राजकुमार ने 'Kawasaki Ninja ZX-10R' की इच्छा जताई थी। इस पर लड़की के भाई ने राजकुमार से सीधी बात की। राजकुमार ने स्पष्ट कहा कि— "जो मैंने कहना था कह दिया, अब आप मेरे माता-पिता से बात करें।" इस पर लड़की के भाई ने अभद्रता करते हुए यहाँ तक कह दिया कि— "क्या अपनी ज़मीन बेच दूँ?" राजकुमार का प्रस्ताव व्यावहारिक था कि अगर आप मनचाही गाड़ी नहीं दे सकते, तो उस बजट के पैसे दे दें ताकि वे काम आ सकें। लेकिन उस समय पैसे नहीं दिए गए और शादी के कई दिनों बाद महज 17 लाख रुपये दिए गए।
​3. नई Kawasaki Ninja ZX-10R और वो मनहूस हादसा
​ससुराल से मिले पैसों में अपनी तरफ से रकम और मिलाकर राजकुमार एक नई गाड़ी लेने गए। गाड़ी लेकर लौटते समय राजकुमार पुरानी बाइक पर थे और उनके भाई नई बाइक पर। इसी दौरान एक भीषण सड़क हादसा हुआ। राजकुमार के सिर पर ऐसी चोट आई कि माथा अंदर धंस गया। आज भी उस घाव का दर्द और मानसिक संताप राजकुमार का पीछा नहीं छोड़ रहा है।
​4. अस्पताल में क्लेश और पत्नी के अमानवीय ठहा..
​हादसे के बाद जब राजकुमार अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे, तब भी पत्नी का झगड़ालू रवैया थमा नहीं। एक रूह कंपा देने वाला वाकया तब हुआ जब घर पर राजकुमार की तबीयत बिगड़ी और उन्हें उल्टियाँ (पलटी) होने लगीं। जहाँ उनकी बूढ़ी माँ उन्हें संभालने दौड़ी, वहीं उनकी पत्नी पास खड़ी होकर ज़ोर से खिलखिलाकर हंसने लगी। एक बीमार पति की बेबसी पर पत्नी के वे ठहाके किसी ज़हर से कम नहीं थे।
​5. ससुराल का वो मंजर: नशे में विवाद और सास की वकालत (सीरियल वाइज)
​राजकुमार ने बताया कि उनकी पत्नी के फोन पर आधी रात के 1:00-2:00 बजे अनजान लड़कों के कॉल आते थे। एक रात वह लड़का राजकुमार के मौसेरे भाई के साथ भयंकर नशे की हालत में ससुराल आ पहुँचा।
​राजकुमार का सवाल: "भाई, तुम रात में फोन क्यों करते हो?"
​जवाब: वह लड़का चुप रहा, पर नशे में धुत मौसेरा भाई बोला— "मैं नहीं करता।"
​राजकुमार: "हाँ भाई, आप नहीं करते हो (सवाल उस लड़के से है)।"
​सास का प्रहार: तभी सास बीच में बोलीं— "तू इनके यहाँ करेगा, तो तेरे लिए भी यही कहेंगे।" और आगे कहा— "वह इतने ही टाइम फोन करता है, बात कर लिया करो।"
​6. 'छोटू' और रिचार्ज का विवाद: फूट डालने की कोशिश
​हाल ही में पत्नी ने राजकुमार के छोटे भाई (छोटू) को रिचार्ज के लिए मैसेज किया। छोटू के मना करने पर राजकुमार को मैसेज किया और झूठ बोला कि— "मैं छोटू से पूछकर देखूँ।" राजकुमार ने जब इस चालाकी और परिवार को तोड़ने की कोशिश पर सवाल उठाया, तो पत्नी का जवाब आया— "चल मर जा... ठीक है मुझे छोड़ दो, गुडबाय!"
​7. आत्मघाती संघर्ष और पिता की बेबसी
​इस प्रताड़ना ने राजकुमार को इस कदर तोड़ा कि उन्होंने अवसाद में आकर कभी दीवार में सिर मारा, तो कभी धारदार 'बेला' से अपने ही सिर पर वार कर लिए। आज वे अपने 1 साल के बेटे से भी बात नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि पत्नी के दिए ज़ख्म उन्हें अंदर से कचोटते हैं।
​निष्कर्ष: राजकुमार आज शारीरिक अक्षमता, आर्थिक तंगी और मानसिक बिखराव के दौर से गुजर रहे हैं। यह कहानी पूछती है कि क्या एक पुरुष के आंसू और उसकी दुर्दशा की समाज में कोई अहमियत है?

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