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पाकुड़ जिला प्रखंड के सभी पंचायतों आवास योजनाओं में घोटाला ही घोटाला पाकुड़ जिला पाकुड़ नरोत्तमपुर में आवास योजनाओं में भारी अनियमितता का आरोप, सामाजि

पाकुड़ जिला प्रखंड के सभी पंचायतों आवास योजनाओं में घोटाला ही घोटाला पाकुड़ जिला पाकुड़

नरोत्तमपुर में आवास योजनाओं में भारी अनियमितता का आरोप, सामाजिक कार्यकर्ता ने उठाई जाँच की माँग
​पाकुड़
नरोत्तमपुर पंचायत में सरकारी आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश कुमार अग्रवाल ने प्रेस को जारी बयान में प्रधानमंत्री जनमन आवास और बिरसा आवास योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार और बंदरबांट का खुलासा करते हुए उच्च स्तरीय जाँच की माँग की है।
​18 में से केवल 2 घर बने, 16 का पता नहीं
​अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत नरोत्तमपुर गाँव में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत कुल 18 घरों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। लेकिन धरातल पर स्थिति बेहद निराशाजनक है। स्वीकृत 18 घरों में से अब तक केवल 2 घरों का निर्माण हुआ है, जबकि शेष 16 घरों का कार्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इन घरों के निर्माण में देरी का कारण क्या है और आवंटित राशि का क्या हुआ?
​रसूखदारों और अपात्रों को रेवड़ी की तरह बाँटे गए आवास
​सामाजिक कार्यकर्ता ने सूत्रों के हवाले से कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
​सरकारी कर्मचारी के परिजनों को लाभ: सरकारी चौकीदार लख्खीचंद सरदार के पुत्र संजय सरदार और उनकी बहन रेखा पहाड़िन को योजना का लाभ दिया गया है।
​शादीशुदा और प्रवासी को लाभ: पूर्व मुखिया सुबोध पहाड़िया की पुत्री सविता पहाड़िया, जिनकी शादी 4 वर्ष पूर्व पश्चिम बंगाल में हो चुकी है और वह वहीं रहती हैं, उन्हें भी आवास आवंटित किया गया है। यह पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन और जाँच का विषय है।
​दोहरे लाभ का आरोप: जानकारी के अनुसार, पूर्व मुखिया सुबोध पहाड़िया को भी 4 वर्ष पूर्व बिरसा आवास आवंटित किया गया था, जिसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
​36 पंचायतों में होगी अबुआ आवास की 'सोशल ऑडिट'
​सुरेश कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार का यह खेल केवल एक पंचायत तक सीमित नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि उनकी टीम अब क्षेत्र की 36 पंचायतों में 'अबुआ आवास योजना' की गहन जाँच कर रही है। अग्रवाल ने कहा, "गरीबों का हक मारकर अपात्रों को लाभ पहुँचाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी टीम हर गाँव जाकर लाभार्थियों की सत्यता की जाँच करेगी और रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।"
​सामाजिक कार्यकर्ता ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से आग्रह किया है कि नरोत्तमपुर पंचायत के इन मामलों की अविलंब जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। हमारे प्रखंड विकास पदाधिकारी बहुत ही सभ्य और सीधे सरल पदाधिकारी है जिसे बदनाम किया जा रहा है उपरोक्त मामले में कार्यालय से संपूर्ण दस्तावेज प्राप्त करते हुए जांच किया जाए। पाकुड़ जिला झारखंड

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