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ब्रेकिंग न्यूज़: गरीबी की मार, सरकार की अनदेखी



ब्रेकिंग न्यूज़: गरीबी की मार, सरकार की अनदेखी

ग्राम-बोईरडीह, ग्राम पंचायत-बोईरडीह, पोस्ट-सोठी, तहसील-शक्ति, जिला-शक्ति, छत्तीसगढ़ की एक सच्ची और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। प्रिय साहू, पति फेकू राम साहू के यहां रहने के लिए घर नहीं है, जो घर है वह कच्चे मिट्टी का है और उसकी छत लकड़ी और खपरैल की है, जो कभी भी गिर सकती है।

प्रिय साहू ने बताया, "हमारे घर में सांप आ जाते हैं और बिच्छू भी हो जाते हैं। बरसात के मौसम में घर में पानी टपकता है, जिससे जीवन और भी मुश्किल हो जाता है। घर जर्जर है और लकड़ी और खपरैल की छत है, जो कभी भी गिर सकती है, जिससे जान को खतरा है।"

प्रिय साहू ने बताया, "हमने सरकार से गुहार लगाई थी, सीएम विष्णु देव साय और पीएम को लेटर लिखा था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। हमने सीएम के जन दर्शन कार्यक्रम में गए थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। सीएम साय ने बिना देखे लेटर को रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह को दे दिया। गौरव सिंह ने कहा था कि आपका काम हो जाएगा, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। सीएम साय ने 1 मिनट का समय भी नहीं दिया और जा जो जाओ बोल दिया।"

प्रिय साहू का कहना है कि वह मूल निवासी हैं और 2011 की लिस्ट में उनका नाम नहीं था। जब पीएम आवास की फॉर्म डाला गया था, तब उनका नाम क्यों नहीं आया? बाहर से आकर ग्राम-बोईरडीह में रहने वाले लोगों का पीएम आवास आ गया है, लेकिन मूल निवासियों को क्यों नहीं मिला? इन लोगों ने सरकारी जमीन पर घर बनाया हुआ है और पीएम आवास का लाभ उठा रहे हैं।

प्रिय साहू ने बताया, "हमने शक्ति कलेक्टर से आर्थिक सहायता और पीएम आवास के लिए बात की थी, लेकिन उन्होंने कहा कि कोई योजना नहीं आई है, तो कहां से आर्थिक सहायता देंगे।"

प्रिय साहू का कहना है कि वह अनपढ़ हैं और उनके पास कोई आय नहीं है। वह बस कभी-कभी गांव में काम करके पेट भरते हैं। प्रिय साहू ने सरकार से आर्थिक सहायता और घर के लिए गुहार लगाई है, लेकिन सरकार मदद नहीं कर रही है।

*गरीब की मार*

प्रिय साहू का कहना है कि:
- सरकार बस अभी महतारी वंदन योजना के तहत रुपए आता है उसी का सब्जी खाते हैं
- लेकिन अभी बिजली बिल बहुत आती है
- सरकार एक तरफ से महतारी वंदन योजना के तहत रुपए दे रही है दूसरी तरफ से बिजली बिल के रूप में ले रही है
- रुपए हम लोगों को बहुत मुश्किल होती है जीवन जीने के लिए
- हम गरीब हैं रहने के लिए छत नहीं है
- बाहर तरफ जाने के लिए सुलभ शौचालय नहीं है
- सरकार स्वच्छ भारत का नारा लगती है लेकिन हमारे ग्राम में हर घर में लैट्रिन बाथरूम की सुविधा नहीं दिया गया है
- अगर हम लोगों को कुछ हो जाएगा तो इसका जवाबदारी सरकार की होगी
- पड़ोसियों के यहां सांप बिच्छू की काटने से मृत्यु हो गई है तीन चार लोगों का
- प्रिय साहू हमारे यहां तो छत भी नहीं है लकड़ी की ऊपर खपरैल की छत है और मिट्टी का है
- सांप बिच्छू का खतरा मंडराते रहता है और जर्जर मकान है कभी भी छत लकड़ी और खपरैल गिर सकता है
- इससे हम लोग की मृत्यु हो जायेगी सरकार को पूरी लेटर लिखे गए थे विस्तार से लेकिन सरकार वादा ही की बस कुछ मिला ही नहीं आर्थिक सहायता भी नहीं

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