*कौशांबी कार्य में लापरवाही पर विधिक कार्रवाई के बाद डाक निरीक्षक पर लगाए जा रहे आरोप..
*कौशाम्बी*जनपद कौशाम्बी के उप डाकघर भरवारी में तैनात डाक निरीक्षक द्वारा कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर विधिक कार्रवाई किए जाने के बाद अब कुछ तथाकथित कर्मचारियों द्वारा उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। डाक निरीक्षक का कहना है कि कार्रवाई से बौखलाए कर्मचारी अब उन पर निराधार और झूठे आरोप लगा रहे हैं।डाक निरीक्षक के अनुसार, उप डाकघर भरवारी में तैनात शिवानी नाम की महिला कर्मचारी स्वयं अपना कार्य न करके अन्य लोगों से कार्य करवाती थीं। इसके बावजूद भी कार्य अधूरा और असंतोषजनक रहता था। स्थानीय लोगों से लगातार शिकायतें मिलने पर मौके पर जांच की गई, जिसमें कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच के उपरांत नियमानुसार उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई।दूसरा मामला उमेश कुमार से संबंधित है, जिन पर कसिया क्षेत्र में एक व्यक्ति की धनराशि के गमन का आरोप है। इस संबंध में शिकायत मिलने पर डाक निरीक्षक द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की गई, जिसमें उमेश कुमार दोषी पाए गए। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्य से मुक्त कर दिया गया। डाक निरीक्षक का दावा है कि उमेश कुमार ने गमन की गई धनराशि को लेकर अपनी गलती स्वीकार की है, जिसका साक्ष्य उनके पास मौजूद है।इतना ही नहीं, आरोप है कि कार्य से मुक्त किए गए उमेश कुमार द्वारा इस मामले के गवाह शुभम गौतम को फोन कर गवाही वापस लेने के लिए डराया-धमकाया जा रहा है। इस धमकी से संबंधित साक्ष्य भी पीड़ित के पास मौजूद बताए जा रहे हैं।डाक निरीक्षक का यह भी कहना है कि उमेश कुमार, शिवानी और शिवानी के पिता द्वारा लगातार उन्हें और गवाहों को एससी/एसटी जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। कार्रवाई से नाराज होकर इन लोगों ने डाक निरीक्षक पर घूस लेने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं, जबकि अब तक घूस लेने से संबंधित कोई ठोस या विश्वसनीय साक्ष्य सामने नहीं आया है।मामले को लेकर विभागीय स्तर पर हलचल बनी हुई है। वहीं डाक निरीक्षक का कहना है कि उन्होंने जो भी कार्रवाई की है, वह नियमों और साक्ष्यों के आधार पर की गई है। झूठे आरोपों से डरने के बजाय वे सच्चाई के साथ खड़े हैं और उच्च अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।