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सावित्रीबाई फुले की जयंती पर विद्यालय में कार्यक्रम महिला शिक्षा और सामाजिक सुधार पर डाला गया प्रकाश

वैशाली/गोरौल प्रखंड के आरपीसीजे उच्च माध्यमिक विद्यालय, बेलवरघाट में देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार शरण ने की, जबकि संचालन शिक्षक उमेश कुमार प्रसाद सिंह ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा ज्योतिराव फुले के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद शिक्षकों एवं उपस्थित लोगों ने सावित्रीबाई फुले के जीवन, संघर्ष और योगदान पर अपने विचार रखे। प्रभारी प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार शरण ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। वे भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रधानाचार्या और पहले किसान स्कूल की संस्थापिका थीं। उन्होंने महिला शिक्षा और सामाजिक समानता के लिए आजीवन संघर्ष किया। संचालक शिक्षक उमेश कुमार प्रसाद सिंह ने कहा कि महात्मा ज्योतिराव फुले सावित्रीबाई के गुरु, मार्गदर्शक और समर्थक थे। सावित्रीबाई फुले ने विधवा विवाह, छुआछूत उन्मूलन, महिला मुक्ति और शिक्षा को अपना जीवन-उद्देश्य बनाया। वे मराठी भाषा की आदि कवयित्री भी मानी जाती हैं।
कार्यक्रम में सीमा कुमारी, कुमार चंदन, नीतू कुमारी, राकेश कुमार, राहुल कुमार चौधरी, जय कृष्ण पाठक, ऋतुराज, पूर्णिमा कुमारी, अजीत कुमार निषाद, पिंटू कुमार, अब्दुल हक, राजीव चंद्र प्रसाद विसला, शबानाज, आकृति प्रकाश, सुभद्रा कुमारी, कुमार प्रभाकर, शिवानी एवं पंकज कुमार सहित अन्य शिक्षक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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