
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर करानडीह आदिवासी भवन में श्रद्धांजलि
भारतीय आदिवासियों एवं झारखंड आंदोलन के सर्वोच्च नेता, ‘मरांग गोमके’ जयपाल सिंह मुंडा जी की जयंती के अवसर पर जमशेदपुर प्रखंड अंतर्गत करानडीह स्थित आदिवासी भवन में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा जी न केवल एक दूरदर्शी राजनीतिज्ञ थे, बल्कि वे पत्रकार, लेखक, संपादक, शिक्षाविद् तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के महान हॉकी खिलाड़ी भी रहे। वर्ष 1925 में ‘ऑक्सफोर्ड ब्लू’ का खिताब प्राप्त करने वाले वे एकमात्र भारतीय हॉकी खिलाड़ी थे। उनकी कप्तानी में 1928 के ओलंपिक खेलों में भारत ने पहला स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया।
इसके साथ ही वे औपनिवेशिक भारत में सर्वोच्च सरकारी पद पर आसीन रहने वाले विशिष्ट व्यक्तित्व भी रहे।
इस अवसर पर उनके संघर्ष, विचारों एवं आदिवासी अधिकारों के लिए किए गए अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता महावीर मुर्मू, देबजीत मुखर्जी, प्रखंड अध्यक्ष पलटन मुर्मू, मनोज नाहा, करण कालिंदी, अजय सिंह सहित अनेक झामुमो कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा अमर रहें।
उनका जीवन और विचार सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे।