सत्ता, धर्म और संविधान: क्या हम सही दिशा में जा रहे हैं? 🚩⚖️
आज भारत एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ एक तरफ 'सुधार' की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ 'संवैधानिक अधिकारों' की। वक्फ बोर्ड संशोधन बिल 2024-25 को लेकर छिड़ी बहस ने आज पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
सटीक जानकारी और विवाद के मुख्य बिंदु: 🔍
विवाद की वजह: सरकार का कहना है कि यह 'पारदर्शिता' के लिए है, लेकिन आलोचकों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं का तर्क है कि यह किसी एक समुदाय की धार्मिक संपत्ति में सीधा हस्तक्षेप है।
वैश्विक नजरिया: एमनेस्टी इंटरनेशनल और कई खाड़ी देशों ने इस पर चिंता जताई है कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता का दायरा कम होता जा रहा है।
हिंदुत्व और छवि: कट्टरपंथी बयानों और इस तरह के फैसलों को दुनिया भर में "बहुसंख्यकवाद" (Majoritarianism) के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत की 'लोकतंत्र की जननी' वाली छवि को धूमिल कर रहा है।