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भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक बैठक

आगामी असम विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी की असम इकाई ने शुक्रवार को गुवाहाटी स्थित वाजपेयी भवन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की।

इस बैठक को चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें पार्टी ने जमीनी हकीकत, संगठन की मजबूती और भावी राजनीतिक दिशा पर गहन मंथन किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के राज्य प्रभारी, वरिष्ठ नेता, संगठन के पदाधिकारी और चुनावी जिम्मेदारियां संभाल रहे कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की व्यक्तिगत उपस्थिति ने इस बैठक के महत्व को और अधिक रेखांकित किया। दोनों शीर्ष नेताओं की मौजूदगी से यह स्पष्ट संदेश गया कि पार्टी नेतृत्व असम चुनावों को लेकर पूरी तरह गंभीर और सक्रिय है। लगभग तीन घंटे तक चली इस विस्तृत बैठक में चुनावी तैयारियों की समग्र समीक्षा की गई। इसमें प्रचार रणनीति, दीवार लेखन कार्यक्रम, टिकट वितरण की प्रक्रिया, नामांकन की योजना और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के संभावित दौरों पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री का 29 जनवरी 2026 को असम दौरा प्रस्तावित है, जिससे भाजपा के चुनावी अभियान को और गति मिलने की उम्मीद है।बैठक का एक अहम निष्कर्ष टिकट वितरण को लेकर सामने आया। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि मौजूदा विधायकों को टिकट स्वतः नहीं मिलेगा। प्रत्येक विधायक के पिछले पांच वर्षों के प्रदर्शन, जनस्वीकृति और जनता से प्राप्त फीडबैक के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। भाजपा ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी युवा चेहरों को प्राथमिकता देगी और 22 से अधिक नए एवं युवा उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की संभावना है, वहीं रणनीतिक और महत्वपूर्ण सीटों पर अनुभवी विधायकों को भी समायोजित किया जाएगा। युवा सशक्तिकरण इस बैठक का केंद्रीय विषय रहा। पार्टी नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि चुनावी अभियान में युवाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को और अधिक बढ़ाया जाएगा। युवाओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां देकर उन्हें जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर दिया जाएगा। बैठक में गठबंधन राजनीति पर भी व्यापक चर्चा हुई। बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट्स (बीटीएडी) की पार्टियों और असम गण परिषद (एजीपी) के साथ सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है। सूत्रों के अनुसार, एजीपी लगभग 100 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। इस संबंध में वरिष्ठ नेताओं अतुल बोरा और दिलीप सैकिया के नेतृत्व में औपचारिक बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी। भाजपा नेताओं ने यह भी दावा किया कि वर्तमान सभी विधायकों को जनता का मजबूत समर्थन प्राप्त है और अब तक उनके खिलाफ कोई बड़ा विवाद या शिकायत सामने नहीं आई है। समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि प्रत्येक विधायक ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय विकास कार्य किए हैं, जिनमें प्रति विधानसभा क्षेत्र लगभग 300 से 500 नामघरों का निर्माण शामिल है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नए विधानसभा क्षेत्रों का गठन भाजपा के लिए एक रणनीतिक अवसर है। इससे एक ओर जहां नए और उभरते चेहरों को मौका मिलेगा, वहीं दूसरी ओर अनुभवी नेतृत्व के माध्यम से शासन की निरंतरता भी बनी रहेगी। बैठक को संबोधित करते हुए असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि यह सत्र चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने, जमीनी हालात का आकलन करने और जनता-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा पूरी तैयारी के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी और विकास, स्थिर शासन तथा जनहित को अपनी राजनीति का केंद्र बनाए रखेगी। कुल मिलाकर, यह बैठक असम विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा की सक्रिय, संगठित और दूरदर्शी रणनीति को दर्शाती है, जिसमें युवा सहभागिता, मजबूत गठबंधन और शासन की निरंतरता पर स्पष्ट फोकस नजर आता है।

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