
❄️ यूपी में शीतलहर का असर, 12वीं तक के सभी स्कूल 5 जनवरी तक बंद
उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और लगातार जारी शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान में भारी गिरावट, घना कोहरा और ठंडी हवाओं के चलते खासकर छोटे बच्चों और विद्यार्थियों की सेहत पर खतरा बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश भर में नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। बीते कई दिनों से प्रदेश के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। सुबह और देर शाम घना कोहरा छाए रहने के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में स्कूल बंद रखने का फैसला अभिभावकों और शिक्षकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
आदेश के अनुसार यह निर्देश सभी बोर्डों—राज्य बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य—पर समान रूप से लागू होगा। शिक्षा विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि मौसम की स्थिति और अधिक खराब होती है तो आगे की तारीखों को लेकर भी समीक्षा की जा सकती है।
सरकार ने केवल स्कूल बंद करने तक ही सीमित न रहते हुए ठंड से बचाव के लिए अन्य जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए रेन बसेरों में ठहरने वाले लोगों के लिए पर्याप्त कंबल, अलाव और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। खासकर बेसहारा, मजदूर और जरूरतमंद लोगों को ठंड से राहत पहुंचाने के लिए नगर निकायों और जिला प्रशासन को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है।
वहीं शिक्षा विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि कुछ जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार ऑनलाइन कक्षाओं या वैकल्पिक शैक्षणिक व्यवस्था पर निर्णय जिला प्रशासन के स्तर से लिया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और शिक्षा अधिकारियों द्वारा मौसम की गंभीरता को देखते हुए किया जाएगा।
अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से सुबह-शाम घर से बाहर न निकलने दें और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाएं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, प्रदेश सरकार का यह फैसला बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिहाज से एक आवश्यक और समयोचित कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें मौसम के अगले कुछ दिनों के हालात पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे के निर्णय लिए जा सकते हैं।