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बिहार में ठंड का प्रकोप और तेज, तीन डिग्री तक गिरेगा पारा

✒️ हरिदयाल तिवारी)

पटना। सर्द पछुआ हवाओं के सक्रिय होने से बिहार इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है। मौसम का मिज़ाज लगातार सख्त होता जा रहा है और आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। तापमान में यह गिरावट शनिवार और रविवार से प्रभावी रूप से महसूस होगी, जिससे शीतलहर जैसे हालात बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम से चल रही सर्द पछुआ हवा ने वातावरण में नमी और ठंडक को बढ़ा दिया है। इसके असर से प्रदेश के उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में ठंड का असर समान रूप से देखा जा रहा है। अगले एक सप्ताह तक मौसम में किसी बड़े सुधार की उम्मीद नहीं है, यानी लोगों को अभी राहत मिलने के आसार कम हैं।

शुक्रवार को प्रदेश के 21 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जो इस बात का संकेत है कि ठंड ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर बिहार के कई जिलों—सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज—के साथ-साथ राज्य के पश्चिमी भाग के जिलों में शनिवार को घने कोहरे की संभावना जताई गई है। वहीं दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में भी एक-दो स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है।

राजधानी पटना में शुक्रवार की सुबह साढ़े सात बजे तक घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने के कारण सुबह के समय आवागमन प्रभावित हुआ, हालांकि दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ हुआ और धूप निकली। बावजूद इसके, तापमान में गिरावट के कारण ठंड का असर दिन भर महसूस किया गया। मौसम विभाग ने राजधानी समेत राज्य के अधिकांश शहरों में सुबह के समय घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।

ठंड और कोहरे का सबसे गंभीर असर गया में देखने को मिला। गया में इस मौसम में पहली बार दृश्यता शून्य मीटर तक रिकॉर्ड की गई, जिसे मौसम विशेषज्ञों ने असामान्य और चिंताजनक बताया है। अत्यधिक घने कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात पर खासा असर पड़ा। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो शुक्रवार को प्रदेश में न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री से लेकर 13.1 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि अधिकतम तापमान 16.3 से 24.2 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। राज्य में सबसे कम तापमान सहरसा के अगवानपुर में 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो ठंड की तीव्रता को दर्शाता है। वहीं सबसे अधिक अधिकतम तापमान किशनगंज में 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग का मानना है कि तापमान में गिरावट और सर्द हवाओं के चलते बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सुबह और देर रात के समय घर से निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, बिहार में ठंड का सितम अभी थमने वाला नहीं है। आने वाले दिन और रातें और ठंडी हो सकती हैं। ऐसे में जनजीवन पर इसका असर स्वाभाविक है। मौसम की इस चुनौती के बीच सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

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