
सोनहत ब्लॉक से ज़मीनी सच्चाई ?
सोनहत ब्लॉक की तंजरा ग्राम पंचायत के आश्रित गांव पलारीडाँड़ में विकास के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं।?
ब्रेकिंग न्यूज़ | सोनहत ब्लॉक से ज़मीनी सच्चाई. ?
न बिजली,? न स्थायी व्यवस्था ?
—दम तोड़ती सौर होम लाइट, ?अंधकार में डूबा ?
पलारीडाँड़;
बच्चों की पढ़ाई से लेकर जनजीवन तक त्रस्त ग्रामीण ?
सोनहत ब्लॉक की तंजरा ग्राम पंचायत के आश्रित गांव पलारीडाँड़ में विकास के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं।?
न नियमित बिजली आपूर्ति, न कोई वैकल्पिक स्थायी व्यवस्था—
गांव की सौर होम लाइटें भी दम तोड़ चुकी हैं।
नतीजा यह कि पूरा गांव अंधकारमय जीवन जीने को मजबूर है।?
बच्चों की पढ़ाई चौपट है, रात होते ही किताबें बंद हो जाती हैं और भविष्य अंधेरे में धकेल दिया जाता है। ?
यह हालात प्रशासनिक लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की घोर उदासीनता का जीवंत प्रमाण हैं। ?
सौर ऊर्जा जैसी योजनाएं कागजों में चमकती रहीं, लेकिन ज़मीनी हकीकत में वे कबाड़ बनकर रह गईं। ?
मेंटेनेंस के नाम पर शून्य, जवाबदेही के नाम पर सन्नाटा। ग्रामीणों की शिकायतें वर्षों से धूल फांक रही हैं, ?
पर जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। ?
रात में महिलाएं और बुजुर्ग भय के साये में रहते हैं, मोबाइल चार्ज तक की सुविधा नहीं, आपात स्थिति में सहायता असंभव। ?
सवाल यह है कि आखिर कब जागेगा प्रशासन?
कब टूटेगी यह लापरवाही की जंजीर?
अगर अब भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह अंधकार केवल गांव का नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की विफलता का स्थायी प्रतीक बन जाएगा।
सोनहत ब्लॉक \ तंजरा ग्राम पंचायत
आश्रित गांव पलारीडाँड़
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