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सोनभद्र: जिला जेल मार्ग के जर्जर पुल के दिन फिरे, जल्द शुरू होगा नव-निर्माण


70 साल पुराने 'खतरे के पुल' से मिलेगी मुक्ति; ठेकेदार ने पूजा-अर्चना कर शुरू की तैयारी

​मारकुंडी/सोनभद्र।
जनपद के गुरमा स्थित जिला जेल मार्ग पर आवागमन करने वाले हजारों राहगीरों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले कई दशकों से बदहाली के आंसू रो रहा और दुर्घटनाओं को दावत दे रहा लगभग 70 वर्ष पुराना पुल अब इतिहास बनने जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद इस जर्जर पुल के नव-निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों में हर्ष का माहौल है।

​ *खबर का असर: मीडिया और जनता की आवाज लाई रंग*

​पुल की जर्जर हालत को लेकर स्थानीय नागरिकों ने कई बार पोर्टल और समाचार पत्रों के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। बार-बार बैरिकेडिंग लगाने के बावजूद भारी वाहनों के अवैध आवागमन ने इस पुल को बेहद खतरनाक बना दिया था। मीडिया में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन जागा और अब इसके पुनरुद्धार की राह साफ हुई है।

*​विधिवत पूजा के साथ कार्य का श्रीगणेश*

​शुक्रवार को निर्माण एजेंसी के ठेकेदारों द्वारा प्रस्तावित स्थल पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। यह धार्मिक अनुष्ठान इस बात का संकेत है कि पुल के निर्माण का धरातलीय कार्य अब कुछ ही दिनों में शुरू हो जाएगा।

​ *मानकों पर जोर: "मजबूत हो पुल, न हो भ्रष्टाचार"*

​पुल निर्माण की खबर के साथ ही स्थानीय जनता ने गुणवत्ता को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर दी है। गुरमा के ग्रामीणों का कहना है कि:

• ​निर्माण कार्य पूरी तरह तय मानकों (Standards) के अनुरूप होना चाहिए।

•​ सामग्री की गुणवत्ता की कड़ी निगरानी की जाए ताकि पुल टिकाऊ और सुरक्षित रहे।

• ​अक्सर पुलों के ढहने की खबरें आती हैं, ऐसे में प्रशासन भ्रष्टाचार पर लगाम लगाए और काम में पारदर्शिता बरते।

​ *विकास को मिलेगी रफ्तार*

​जिला जेल मार्ग पर नया पुल बनने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि गुरमा और आसपास के दर्जनों गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अब क्षेत्र की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्माण एजेंसी कितनी तेजी और ईमानदारी से इस प्रोजेक्ट को पूरा करती है।

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