logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

तिहारी के पीपरा थाना में पैरवी करने गए 'नेताजी' को गिरफ्तार कर लिया

बिहार में में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद जनप्रतिनिधियों द्वारा कानून की धज्जियां उड़ाने का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। मोतिहारी के पीपरा थाना में एक पंचायत समिति सदस्य को हत्या के प्रयास के आरोपी की पैरवी करना उस वक्त महंगा पड़ गया, जब वह खुद शराब के नशे में धुत होकर थाने जा पहुंचे।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 'नेताजी' को गिरफ्तार कर लिया है और अब उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार जनप्रतिनिधि की पहचान पीपरा थाना क्षेत्र के विशुनपुरा पंचायत के पंचायत समिति सदस्य मनीष कुमार के रूप में हुई है। मनीष कुमार थाने में एक ऐसे आरोपी को छुड़ाने के लिए पैरवी करने पहुंचे थे, जिसे पुलिस ने हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) के मामले में पकड़ा था। लेकिन थाने पहुंचते ही नेताजी का नशा उन पर हावी होने लगा और वह पुलिस के सामने ही लड़खड़ाने लगे।
मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जब उक्त व्यक्ति पैरवी करने पहुंचा, तो उसके व्यवहार और बातचीत के तरीके से पुलिस को उसके नशे में होने का संदेह हुआ। पुलिस ने बिना देर किए उसे हिरासत में लिया और मेडिकल जांच के लिए भेजा। ब्रेथ एनालाइजर और मेडिकल टेस्ट में अल्कोहल (शराब) की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से इलाके के अन्य 'पैरवीकारों' में हड़कंप मच गया है। एसपी ने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए बराबर है और शराब पीकर थाने आने या किसी अपराधी की अवैध पैरवी करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। मनीष कुमार के खिलाफ मद्यनिषेध कानून के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना की चर्चा पूरे जिले में हो रही है कि कैसे एक नेताजी दूसरे को बचाने के चक्कर में खुद सलाखों के पीछे पहुंच गए। सोशल मीडिया पर भी लोग पुलिस की इस सक्रियता की तारीफ कर रहे हैं।...
#RadheRadhe...🙏
#followme

20
970 views

Comment