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70 लाख रुपए रिश्वत.... वह भी हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के उत्तर प्रदेश में....! GST चोरी के बदले 1.5 करोड़ की डील! CBI की कार्रवाई

70 लाख रुपए रिश्वत.... वह भी हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के उत्तर प्रदेश में....!
GST चोरी के बदले 1.5 करोड़ की डील! CBI की कार्रवाई से हिला झांसी का CGST दफ्तर, डिप्टी कमिश्नर समेत 5 गिरफ्तार....
उत्तर प्रदेश के जनपद झांसी में CBI ने सेंट्रल GST में तैनात डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी सहित 2 अधीक्षकों, एक वकील और एक कंपनी मालिक को गिरफ्तार किया.. . इन्हें 70 लाख रुपए रिश्वत लेते पकड़ा है.... इसके बाद आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारकर 90 लाख रुपए कैश बरामद किया गया है. ... GST चोरी के मामले में कंपनी से डेढ़ करोड़ की रिश्वत मांगी गई थी....
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उत्तर प्रदेश के झांसी में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग में फैले बड़े रिश्वतखोरी रैकेट का पर्दाफाश किया है। GST चोरी के मामलों में निजी कंपनियों को राहत देने के बदले 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में CBI ने एक IRS अधिकारी, दो सुपरिंटेंडेंट, एक वकील और एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है। ट्रैप के दौरान ₹70 लाख रिश्वत लेते दो सुपरिंटेंडेंट रंगे हाथ पकड़े गए, जबकि छापेमारी में कुल ₹1.60 करोड़ नकद, जेवर और संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए हैं।
30 दिसंबर को दर्ज हुआ केस, 31 को बड़ी कार्रवाई
CBI ने इस मामले में 30 दिसंबर 2025 को केस दर्ज किया था। आरोप था कि झांसी स्थित CGST कार्यालय में तैनात अधिकारी GST चोरी से जुड़े मामलों में निजी फर्मों को फायदा पहुंचाने के बदले भारी रकम की मांग कर रहे थे।
शिकायत के सत्यापन के बाद CBI ने जाल बिछाया और 31 दिसंबर 2025 को बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरी के इस नेटवर्क को बेनकाब कर दिया।
IRS डिप्टी कमिश्नर के इशारे पर ली जा रही थी रिश्वत
CBI के अनुसार, रिश्वत की पूरी डील CGST झांसी में तैनात डिप्टी कमिश्नर (IRS-C&IT 2016) प्रभा भंडारी के इशारे पर चल रही थी। उनके निर्देश पर दो सुपरिंटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय कुमार शर्मा ने ₹70 लाख की रिश्वत ली।
CBI ने दोनों सुपरिंटेंडेंट को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया, जिसके बाद डिप्टी कमिश्नर समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
वकील और कारोबारी भी रैकेट में शामिल
जांच में सामने आया कि इस पूरे रिश्वतखोरी नेटवर्क में एक निजी वकील और कारोबारी भी अहम भूमिका निभा रहे थे।
CBI ने नरेश कुमार गुप्ता (अधिवक्ता) और राजू मंगतानी, जो कि एम/एस जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक हैं, को भी गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि वे रिश्वत की रकम जुटाने और अधिकारियों तक पहुंचाने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे।
छापेमारी में करोड़ों की नकदी और जेवर बरामद
गिरफ्तारियों के बाद CBI ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की। इन तलाशी अभियानों में
करीब ₹90 लाख नकद,
कई संपत्ति से जुड़े दस्तावेज,
और बड़ी मात्रा में सोना-चांदी व ज्वेलरी बरामद की गई।
CBI के मुताबिक अब तक कुल ₹1.60 करोड़ नकद जब्त किया जा चुका है और तलाशी व जांच की कार्रवाई अभी जारी है।
कोर्ट में पेश किया जाएगा
CBI ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में अन्य सरकारी और निजी लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।

(पत्रकार आमिर महफूज खान
Aima media reporter)

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