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झालरापाटन में महिलाओं को संरक्षित खेती का प्रशिक्षण: नाबार्ड वित्त पोषित परियोजना के तहत जानकारी दी, योजनाओं की जानकारी दी

झालरापाटन उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय में बुधवार दोपहर महिला किसानों को एकदिवसीय भ्रमण और प्रशिक्षण दिया गया। यह कार्यक्रम नाबार्ड जयपुर द्वारा वित्त पोषित मालपुरा जल ग्रहण परियोजना के तहत आयोजित किया गया था, जिसमें किसानों ने संस्था की विभिन्न इकाइयों में तकनीकी जानकारी प्राप्त की।
संरक्षित खेती और मृदा रहित खेती के बारे में बताया
महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आईबी मौर्य ने महिला किसानों को संरक्षित खेती और मृदा रहित खेती के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने पाली हाउस में खीरा, टमाटर औरडॉ. मौर्य ने महाविद्यालय में लगाई गई शीतकालीन सब्जियों की देखरेख, उत्पादन और कीट-व्याधियों से सुरक्षा के तरीके भी समझाए। उन्होंने किसानों को आत्मनिर्भर बनने और खेती से अधिक आय प्राप्त करने के गुर सिखाए। स्ट्रॉबेरी के उत्पादन की जानकारी दी।
डॉ. मौर्य ने महाविद्यालय में लगाई गई शीतकालीन सब्जियों की देखरेख, उत्पादन और कीट-व्याधियों से सुरक्षा के तरीके भी समझाए। उन्होंने किसानों को आत्मनिर्भर बनने और खेती से अधिक आय प्राप्त करने के गुर सिखाए।
आचार्य डॉ. प्रेरक भटनागर ने कृषकों को नींबू वर्गीय फसलों जैसे नींबू और मोसंबी की खेती तथा उनके उत्पादन की जानकारी दी। उन्होंने फल वृक्षों की नर्सरी तैयार करने और उनके रखरखाव के तरीकों पर भी प्रकाश डाला।
अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी दी
इस भ्रमण दल के साथ पीएनबी आरसेटी निदेशक चंद्रशेखर सुमन, नाबार्ड प्रबंधक वासुदेव मीणा और मालपुरा जलग्रहण परियोजना समन्वयक रमा कुमारी भी मौजूद थीं। राजकुमार जोशी ने महाविद्यालय की अन्य इकाइयों का भ्रमण करवाते हुए विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।
न्यूज़ मोहम्मद इमरान झालावाड़ राजस्थान




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