
मेरठ नगर निगम अफसर ने सांसद के सामने जोड़े हाथः कहा- सर आपके आशीर्वाद से सब अच्छा है
मेरठ नगर निगम ऑफिस में अधिकारी राज्यसभा सांसद के सामने हाथ जोड़कर विनती करते नजर आए। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी बुधवार को नगर निगम ऑफिस में हाउस टैक्स की समस्या को लेकर पहुंचे थे।जब राज्यसभा सांसद ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम से कहा- हाउस टैक्स को लेकर जनता इतनी परेशान क्यों है? आए दिन पार्षदों के सामने इसकी शिकायतें आ रही हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।इस पर सीटीओ हाथ जोड़कर सांसद से बोले कि आपके आशीर्वाद से सब अच्छा चल रहा है, कहीं कोई परेशानी नहीं है।
अब पढ़िए पूरा मामला मेरठ नगर निगम ऑफिस में कई दिन से हाउस टैक्स की समस्या को लेकर शिकायत आ रही थी। लेकिन लोगों का कोई समाना नहीं हो रहा था। लोगों ने इसकी शिकायत राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेई से की। लोगों की शिकायत पर आज राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी नगर निगम ऑफिस पहुंचे।
राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेई के नगर निगम के ऑफिस में पहुंचने से हड़कंप मच गया। राज्यसभा सांसद ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम से कहा- हाउस टैक्स को लेकर जनता इतनी परेशान क्यों है? आए दिन पार्षदों के सामने इसकी शिकायतें आ रही हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।राज्यसभा सांसद की ये बात सुनकर सामने बैठे मुख्य कर निर्धारण अधिकारी (CTO) एसके गौतम ने हाथ जोड़ लिए। सीटीओ ने हाथ जोड़कर सांसद से कहा-आपके आशीर्वाद से सब अच्छा चल रहा है, कहीं कोई परेशानी नहीं है। इसके बाद सीटीओ राज्यसभा सदस्य के सामने अपनी सफाई देने लगे।सिस्टम में सुधार की जरूरत- बाजपेई लक्ष्मीकांत बाजपेई ने सीटीओ शिवकुमार गौतम से हाउस टैक्स के सभी नियमों को जाना। इसके बाद उन्हें फटकार लगाते हुए कहा- जब इसमें गलती सिस्टम की है, तो परेशानी जनता क्यों झेल रही है। यह जिम्मेदारी निगम के अधिकारियों की है कि वे लोगों को सुविधा देकर उनका टैक्स जमा कराने का काम करें।सभी को एक समान छूट न देंउन्होंने कहा कि निगम द्वारा जो 20 प्रतिशत की छूट दी जाती है। उसको पूरे साल एक समान न रखा जाए। उस छूट को तीन महीने के आधार कम किया न जाए। जब उपभोक्ता को यह फर्क दिखेगा कि उनको जल्दी जमा करने पर फायदा होगा तो वह खुद समय पर अपना बिल जमा करेंगे।दो बिल देने वाला कुर्सी पर क्यों लक्ष्मीकांत बाजपेई ने एस के गौतम को फटकार लगाते हुए कहा- जिस प्रकार दो बिल आने की समस्या आ रही है। वह निगम के अधिकारियों द्वारा किया गया है। उसमें लोगों का कोई दोष नही हैं। लेकिन ऐसा व्यक्ति यहां अभी तक क्यों है यह चिंता का विषय है।