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तिनसुकिया जिले के लॉन्गशवाल क्षेत्र से एक सराहनीय और प्रेरणादायक खबर सामने आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आसाम के प्रमुख सामाचार चैनलों क्रमश: एन इ न्युज एवं पराग न्यूज़ द्वारा भोजपुरी वासियों के शहीद स्मारक की जर्जर और उपेक्षित स्थिति को प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद इसका सकारात्मक असर देखने को मिला है।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद हिंदू युवा छात्र परिषद की एक सक्रिय टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को गंभीरता से संज्ञान में लिया।

इसके बाद परिषद की ओर से स्वच्छता एवं संरक्षण अभियान चलाया गया।
टीम ने स्मारक परिसर की पूरी तरह साफ-सफाई की, झाड़ियों और गंदगी को हटाया तथा स्थल को सम्मानजनक स्वरूप प्रदान किया।

साफ-सफाई के उपरांत दीप प्रज्वलित कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

गौरतलब है कि पांच जनवरी दो हजार सात को मिशन सत्या के दौरान अल्फा (स्वाधीन) संगठन के हथियारबंद उग्रवादियों द्वारा निर्दोष भोजपुरी वासियों की नृशंस हत्या की गई थी।

उन्हीं अमर बलिदानियों की स्मृति में यह शहीद स्मारक स्थानीय भोजपुरी संगठन के सहयोग से निर्मित किया गया था।

हालांकि निर्माण के बाद लंबे समय तक उचित रखरखाव के अभाव में यह स्मारक जर्जर अवस्था में पहुंच गया था,

जिससे शहीदों के सम्मान और स्मृति पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा था।
लेकिन अब इस पहल के बाद स्मारक स्थल न केवल पुनः सुसज्जित हुआ है, बल्कि स्थानीय लोगों, युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बन गया है।

शहीद स्मारक केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि बलिदान, एकता, सामाजिक सौहार्द और शांति के मूल्यों का प्रतीक है।

यह हमें याद दिलाता है कि निर्दोष नागरिकों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनकी स्मृति की रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के सहयोग से ऐसे ऐतिहासिक और भावनात्मक स्थलों का संरक्षण किया जाता रहेगा।

यह पहल निस्संदेह समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

डेस्क रिपोर्ट आसाम सामाचार

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