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परतुर के २२ वर्षीय ऋषिकेश कऱ्हाले का संघर्ष, जिसकी मासिक आय छह हजार रुपये थी, वो बन गया पार्षद। परतूर (प्रतिनिधी) भाऊसाहेब पाटील मुके -

परतुर
शहर के वार्ड २ की गलियों में पले-बढ़े और मात्र ६,०००/- रुपये के वेतन पर एक वजन काटे पर (वेटब्रिज) कर्मचारी के रूप में काम करने वाले २२ वर्षीय युवक ने संघर्ष, पीड़ा और दृढ़ संकल्प के माध्यम से राजनीति में एक नई पहचान बनाई है । उनका नाम ऋषिकेश बापूराव कऱ्हाले है। ऋषिकेश ने हाल ही में हुए चुनावों में ८०२ वोटों के अंतर से जीत हासिल की और कम उम्र में ही पार्षद बनने का गौरव प्राप्त किया।
उनके पिता, जो जिला केंद्रीय बैंक में कैशियर थे, जो की उनका २००८ में निधन हो गया। परिणाम स्वरूप, ऋषिकेश जिन्होंने कम उम्र में ही अपने पिता का सहारा खो दिया, तब से संघर्ष कर रहे हैं। जिस वार्ड से वे चुने गए थे, उसी वार्ड से वे आगे बढ़ रहे हैं।
नागरिकों ने बचपन से ही हर काम मे उनका समर्थन किया है। कभी उन्होंने उन्हें घरेलू ज़रूरत की चीज़ें मुहैया कराईं, कभी उनकी शिक्षा में मदद की। उन्होंने उनकी एक बहन की शादी में भी मदद की। यह सब वार्ड के नागरिकों की मदद से संभव हुआ। वार्ड ने उनके जीवन के हर कठिन दौर में उनका डटकर सहारा दिया।


मित्र मंडल का समर्थन महत्वपूर्ण साबित हुआ I
ऋषिकेश कऱ्हाले की सफलता में मित्र मंडल का समर्थन महत्वपूर्ण साबित हुआ। चुनाव प्रचार से लेकर मतदाताओं तक पहुंचने तक, मंडल के युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। घर-घर जाकर संपर्क करना, मतदाताओं को जागरूक करना, बैठकों की योजना बनाना और चुनाव के दौरान अनुशासित कार्यप्रणाली अपनाना बहुत फायदेमंद साबित हुआ। वजन कांटे पर काम करते हुए भी समुदाय से जुड़ाव बनाए रखने वाले ऋषिकेश को राष्ट्रवादी पार्टी (शरद चंद्र पवार) गुट के जिला अध्यक्ष कपिल भैय्या आकात ने टिकट दिया था। वे महज २२ साल की उम्र में वार्ड के ट्रस्ट के बल पर चुनाव लड़कर पार्षद बन गए।


प्रतिक्रिया:
यह जीत सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि वार्ड २ की एकता और प्रेम की जीत है। मेरे परिवार ने मुझे भले ही थोड़ा-बहुत योगदान दिया हो, लेकिन वार्ड के नागरिकों ने ही मुझे पूरी तरह से पाला-पोसा है। आज, वही प्रेम से मैं एक पार्षद के रूप में उसी प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी के साथ काम करूंगा। आज उन लोगों के लिए काम करने का समय है जिन्होंने मुझे पाला-पोसा, मेरा पालन-पोषण किया और मेरे बचपन में मेरी देखभाल की।
- हृषिकेश कऱ्हाले , नवनिर्वाचित पार्षद, परतूर

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