logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

गांव से ग्लोबल की सोच: 2026 में एक नए मीडिया हाउस का सपना - शिवम् शुक्ला

गांव से ग्लोबल की सोच: 2026 में एक नए मीडिया हाउस का सपना - शिवम् शुक्ला ।

मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक छोटे से गांव देवरी से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी पहचान बना चुके युवा पत्रकार शिवम शुक्ला जो स्वतंत्र संपादक पत्रकार संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर है। अब वर्ष 2026 को लेकर एक बड़े और जिम्मेदार मीडिया हाउस की स्थापना का विज़न सामने रख रहे हैं। डिजिटल युग में मीडिया की बदलती भूमिका को समझते हुए उनका यह सपना सिर्फ़ खबरें दिखाने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली पत्रकारिता से जुड़ा है।
ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े शिवम का मानना है कि आज मीडिया को सनसनी और टीआरपी से आगे बढ़कर सच, संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देनी होगी। इसी सोच के साथ वे एक ऐसे मीडिया प्लेटफॉर्म की नींव रखने की तैयारी में हैं, जो ग्रामीण और शहरी भारत के बीच की दूरी को कम कर सके।
मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया हाउस की तैयारी
2026 के विज़न के तहत एक ऐसा मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया हाउस विकसित करने की योजना है, जिसमें
डिजिटल न्यूज़, लाइफस्टाइल जर्नल, वीडियो स्टोरीज़, पॉडकास्ट और ग्राउंड रिपोर्टिंग—
सभी को एक ही मंच पर पेश किया जाएगा। उद्देश्य है कि पाठकों और दर्शकों तक विश्वसनीय, तथ्यपरक और उपयोगी कंटेंट पहुंचे।
प्रस्तावित मीडिया हाउस में लाइफस्टाइल जर्नलिज़्म को विशेष महत्व दिया जाएगा।
इसके अंतर्गत
स्वास्थ्य और वेलनेस
पर्यावरण संरक्षण
ग्रामीण जीवन की वास्तविक कहानियां
रिश्ते, संस्कृति और सामाजिक मूल्य
युवाओं के स्टार्टअप और संघर्ष
जैसे विषयों पर गहराई से रिपोर्टिंग की जाएगी।
सरकारी स्कूल से डिजिटल पत्रकारिता तक
शिवम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी विद्यालय से प्राप्त की और आगे चलकर डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा। शिवम का कहना है
“अगर गांव की सच्चाई राष्ट्रीय मंच तक पहुंचे, तभी मीडिया का असली उद्देश्य पूरा होता है।”
उनका विज़न अनुभव और ज़मीनी समझ पर आधारित है। वर्ष 2026 के इस मीडिया विज़न का एक अहम उद्देश्य नए और युवा पत्रकारों को प्रशिक्षण देना है।
नैतिक पत्रकारिता, डिजिटल स्किल्स और फील्ड रिपोर्टिंग के ज़रिए युवाओं को सशक्त बनाने की योजना है, ताकि वे जिम्मेदार पत्रकार के रूप में आगे आ सकें।
टीआरपी नहीं, ट्रस्ट पर ज़ोर
शिवम का स्पष्ट मानना है कि आने वाले समय में मीडिया की असली ताकत टीआरपी नहीं, बल्कि ट्रस्ट होगा। निष्पक्ष, सच्ची और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता ही पाठकों का भरोसा जीत सकती है।

16
842 views

Comment