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करडवाली में कानून बेबस! सार्वजनिक रास्ता बार-बार बंद, पंचायत में आवेदन देने के बावजूद नहीं हुई सुनवाई

रायसिंहनगर (श्रीगंगानगर)।
ग्राम पंचायत करडवाली में सार्वजनिक रास्ते पर बार-बार अतिक्रमण, मकान को नुकसान और ग्रामीणों को धमकाने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से पंचायत और प्रशासन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर पाया है।

ग्राम निवासी गोरी शंकर पुत्र सत्यनारायण, निवासी मकान संख्या 161, वार्ड संख्या 08 ने बताया कि दिनांक 20 दिसंबर 2025 को प्रातः लगभग 10:16 बजे, ग्राम के ही निवासी अजनिश पुत्र दलीप राम एवं रोहित पुत्र विष्णु द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली में गंदा कचरा व मलबा भरकर गांव के मुख्य सार्वजनिक रास्ते में डाल दिया गया, जिससे रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इस कारण स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों सहित पूरे गांव को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों द्वारा गाली-गलौच की गई तथा ट्रैक्टर से कुचलकर जान से मारने की धमकी दी गई। बताया गया कि अजनिश अक्सर नशे की हालत में संकरी गली में तेज गति से ट्रैक्टर दौड़ाता है, जिससे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। इससे पूर्व भी अजनिश द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली से गोरी शंकर के मकान की दीवार में टक्कर मारकर भारी नुकसान पहुँचाया जा चुका है, जिससे मकान की दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ित द्वारा इस संबंध में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति रायसिंहनगर तथा राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर शिकायतें दर्ज करवाई गईं, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई।
पीड़ित ने यह भी बताया कि सोमवार को दोबारा ग्राम पंचायत में लिखित आवेदन देने के बावजूद भी आज तक किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हुई, जिससे पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता सार्वजनिक है और इसके रख-रखाव व सुरक्षा की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। पूर्व में भी रास्ता बंद होने पर ग्रामीणों को अपने खर्चे पर मलबा हटाकर रास्ता समतल करना पड़ा था, फिर भी पंचायत द्वारा न तो दोषियों पर कार्रवाई की गई और न ही भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया।

पीड़ित गोरी शंकर ने ग्राम विकास अधिकारी को दिए गए आवेदन में आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही, सार्वजनिक रास्ता तुरंत खुलवाने, मकान को हुए नुकसान की जांच तथा दोषियों के साथ-साथ ग्राम पंचायत की लापरवाही के लिए उत्तरदायित्व तय कर क्षतिपूर्ति की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो यह मामला किसी बड़े हादसे का रूप ले सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और कब सार्वजनिक रास्ते तथा ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।

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