
मजदूर से बनाए संबंध, पोल खुली तो प्रेमी से करवाई manager पति की निर्मम ह' त्या,फिर गुमशुदगी की रची झूठी कहानी...
हैदराबाद से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने एक बार फिर पत्नी के रिश्ते को कलंकित किया है। इस वारदात में एक महिला द्वारा पति की मौत को दिल का दौरा बताने का दावा उस वक्त झूठा साबित हो गया, जब पुलिस जांच में मृतक के शरीर पर संदिग्ध चोटों के निशान मिले। शुरुआती तौर पर यह मामला सामान्य मौत का माना जा रहा था, लेकिन अब यह एक सोची-समझी हत्या का केस बन चुका है। पुलिस ने इस मामले में महिला, उसके प्रेमी और प्रेमी के एक दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।पति मैनेजर लेकिन मजदूर पर गिरी नीयत
45 साल वी. जे. अशोक एक कॉलेज में लॉजिस्टिक्स मैनेजर थे। पुलिस के मुताबिक, अशोक की पत्नी 36 साल की पत्नी जे. पूर्णिमा का 22 साल के मजदूर पी. महेश के साथ अफेयर शुरू हो गया। जब अशोक को इस रिश्ते की भनक लगी तो घर में झगड़ा हुआ। लिहाजा अशोक ने अपना घर छोड़ कहीं और परिवार के साथ शिफ्ट कर दिया। लेकिन पूर्णिमा की हरकतें बंद नहीं हुईं। इन सबके बीच दोनों का 11 साल का बच्चा भी ये सब देख रहा था।जब वीजे अशोक को अपनी पत्नी के व्यवहार पर शक हुआ, तो उसने पूर्णिमा से उसके कथित अफेयर को लेकर सवाल-जवाब किया। बताया गया कि इसी झगड़े के बाद ही पूर्णिमा, उसके प्रेमी महेश और उसके दोस्त बी साई कुमार ने मिलकर अशोक को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।दिल का दौरा बताकर दर्ज कराई गई शिकायत
12 दिसंबर को जे. पूर्णिमा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका पति अशोक बाथरूम में बेहोश हालत में मिले थे। बाद में उन्हें एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पूर्णिमा ने रिश्तेदारों और पुलिस को बताया कि अशोक की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है, जिस पर शुरुआत में किसी को शक नहीं हुआ।हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को अशोक के गाल और गर्दन पर संदिग्ध चोटों के निशान दिखाई दिए। ये चोटें दिल के दौरे से मेल नहीं खा रही थीं। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच की, जिससे मामले में कई गंभीर विरोधाभास सामने आए।
11 दिसंबर की शाम को रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अशोक की हत्या की योजना तब बनाई गई थी, जब उसने अपनी पत्नी से उसके अवैध संबंधों को लेकर सवाल पूछने शुरू किए थे। यह हमला 11 दिसंबर की शाम को अशोक के घर में हुआ, जब वह काम से लौटे थे।घटना के वक्त महेश और साई कुमार ने अशोक को पकड़कर उस पर हमला किया, जबकि उसकी पत्नी पूर्णिमा ने उसके पैर पकड़ रखे थे। जांच में यह पुष्टि हुई है कि महेश ने अशोक का गला घोंटकर मौके पर ही उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए अशोक के कपड़े बदल दिए और वारदात में इस्तेमाल सभी सामान को ठिकाने लगा दिया। इस पूरी योजना का मकसद हत्या को नैचुरल डेथ दिखाना था।पुलिस ने जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सामान जब्त किए हैं। इनमें एक आईफोन, खून से सने कपड़े, आपत्तिजनक मीडिया से भरी एक पेन ड्राइव और एक मोटरसाइकिल शामिल है। ये सभी सबूत आरोपियों के खिलाफ केस को मजबूत करते हैं।इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं