
साथ आखिरी सांस तक..., पत्नी की अर्थी सजी तो पति ने भी तोड़ दिया दम, एक ही चिता पर अंतिम संस्कार...
बिहार: मुंगेर के लल्लू पोखर मोहल्ले में उस वक्त मातम छा गया, जब पत्नी की शवयात्रा से पहले ही वरिष्ठ अधिवक्ता और लॉ कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर विश्वनाथ सिंह का भी निधन हो गया. एक दिन पहले पत्नी अहिल्या देवी की मौत हुई थी।
बिहार में मुंगेर के लल्लू पोखर मोहल्ले में मंगलवार को एक हृदय विधारक घटना हुई.इस मोहल्ले के रहने वाले विद्वान अधिवक्ता लॉ कॉलेज के प्रोफेसर रहे विश्वनाथ सिंह की 82 वर्षीय पत्नी अहिल्या देवी की मौत सोमवार की दोपहर में हो गई थी.मौत के बाद परिवार के सभी सदस्य एकत्रित हुए. मंगलवार को अंतिम संस्कार की तैयारी कर शव यात्रा निकलने वाली थी कि ठीक उसी समय 87 वर्षीय विश्वनाथ सिंह ने भी अपना दम तोड़ दिया।
वहीं मां की मौत के तुरंत बाद पिता की मौत से पूरा परिवार का रो रोकर बुरा हाल हो गया.विश्वनाथ सिंह की मौत की खबर सुनकर आसपास के लोग और न्यायालय के कई वरीय अधिवक्ता उनके अंतिम दर्शन करने उनके घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया।
विश्वनाथ सिंह लॉ कॉलेज मुंगेर के प्रोफेसर भी रह चुके थे और मुंगेर न्यायालय के विद्वान अधिवक्ता भी थे।उनकी शादी भागलपुर जिले के शाहपुर की रहने वाली अहिल्या देवी से 1961 में हुई थी.उनसे शिक्षा लेकर आज भी कई बड़े अधिवक्ता मुंगेर न्यायालय में काम करते हैं.उन्हें तीन पुत्री तथा तीन पुत्र हैं. सभी की शादी हो चुकी है।बड़े पुत्र शैलेश कुमार शिक्षक हैं, दूसरे विभेश कुमार वकील और राकेश कुमार बैंक से रिटायर हो चुके हैं।