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If the stone crusher operates at night, an FIR will be registered; the administration has drawn a red line...

रात में चला क्रशर तो एफआईआर तय, प्रशासन ने खींची लाल रेखा.......

खनन माफिया सावधान! खनन का हर रास्ता अब कैमरे में.......

पाकुड़ जिले में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। समाहरणालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला खनन टास्क फोर्स समिति की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें अवैध कोयला, पत्थर और बालू कारोबार पर चल रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्रवाई केवल औपचारिक या आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखाई दे। पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की क्रमवार समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि दिसंबर माह में अब तक अवैध खनन, भंडारण और परिवहन से जुड़े मामलों में 12 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।
बैठक में उपायुक्त ने रात्रि के समय क्रशर संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध को सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए। इसके लिए नियमित और औचक निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। अनुमंडल पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को क्रशर संचालकों, लीजधारकों तथा ईंट-भट्टा संचालकों के साथ बैठक कर नियमों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि जिन खनन लीजों की अवधि समाप्त होने वाली है, उनकी पूर्व जानकारी लेकर लीज समाप्त होते ही खनन कार्य पूरी तरह बंद कराया जाए। सभी चेकपोस्टों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन को अनिवार्य बताया गया। साथ ही ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई, फर्जी खनिज चालानों की सघन जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया गया।पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने सभी थाना प्रभारियों और संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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