
अडानी पावर प्लांट के लिए अपर खजुरी बांध अधिग्रहण का विरोध, किसानों के हित में कमेटी गठन की मांग
मीरजापुर। विकास खंड पहाड़ी में प्रस्तावित अडानी ग्रुप के पावर प्लांट के लिए अपर खजुरी बांध को सिंचाई प्रयोजन से अधिग्रहित किए जाने का विरोध तेज हो गया है। जय जवान जय किसान जागरण मंच के अध्यक्ष शारदा मिश्र (लाला मिश्र) ने इस संबंध में आयुक्त, विन्ध्याचल मंडल, मीरजापुर को ज्ञापन देकर किसानों की सिंचाई प्रभावित होने की आशंका जताई है और तत्काल प्रभाव से किसानों के हित में कमेटी गठित करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया कि अपर खजुरी बांध का उपयोग क्षेत्रीय किसानों की सिंचाई के लिए होता रहा है, जबकि पावर प्लांट के लिए इसे अधिग्रहित किया जाना सर्वथा अनुचित है। बताया गया कि हाल ही में जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी, मीरजापुर द्वारा अपर खजुरी बांध का निरीक्षण किया गया था, जिसमें अडानी ग्रुप के अधिकारी भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान कंपनी की ओर से यह बताया गया कि मां गंगा से सिंधोरा–सरैया पंप कैनाल के माध्यम से 20 क्यूसेक पानी उठाकर अपर खजुरी बांध में डाला जाएगा। जागरण मंच का कहना है कि सिंधोरा–सरैया पंप कैनाल से सरैया कठिनई के कुछ हिस्सों, नेवढ़ियां सहित आसपास के क्षेत्रों की सिंचाई होती है। साथ ही, इस पंप कैनाल से सिंधोरा का एक बड़ा भाग तथा चुनार तहसील के समसपुर, धरहरा और भौरही गांवों की सिंचाई की योजना पूर्व में बनाई गई थी। यह कार्य ओमप्रकाश सिंह एवं स्वर्गीय पं. लोकपति त्रिपाठी के प्रयासों से प्रारंभ हुआ था, लेकिन नहर का कार्य अब तक अधूरा है।
आरोप है कि पंप कैनाल को अडानी ग्रुप द्वारा अधिग्रहित कर पाइपलाइन के माध्यम से अपर खजुरी बांध में पानी डाला जाएगा, जिससे किसानों की सिंचाई व्यवस्था बाधित होगी और उन्हें गंभीर नुकसान उठाना पड़ेगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिलाधिकारी मीरजापुर ने सिंचाई विभाग को किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। जागरण मंच ने आयुक्त से मांग की है कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे किसानों की सिंचाई प्रभावित न हो। साथ ही, किसानों को शामिल कर एक सक्षम कमेटी का गठन कर उनके हित में उचित और त्वरित कार्रवाई की जाए।