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37 वर्षों से अवैध रूप से संचालित अल शिफा हॉस्पिटल के पंजीकरण पर गंभीर सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग संभल (उत्तर प्रदेश)। जनपद संभल की तहसील संभल....

37 वर्षों से अवैध रूप से संचालित अल शिफा हॉस्पिटल के पंजीकरण पर गंभीर सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग
संभल (उत्तर प्रदेश)।
जनपद संभल की तहसील संभल अंतर्गत हौज भदेसरा, हिलाली सराय क्षेत्र में स्थित अल शिफा हॉस्पिटल के पंजीकरण को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि यह हॉस्पिटल बीते लगभग 37 वर्षों से निजी आवास की आड़ में अवैध रूप से संचालित होता रहा और हाल के वर्षों में इसे नियमों के विपरीत पंजीकरण प्रदान कर दिया गया।
इस संबंध में डॉ. मुहम्मद आज़म, विधि अध्येता, आरटीआई कार्यकर्ता एवं ब्यूरो चीफ (न्यूज़ बॉन्ड ऑफ इंडिया) ने उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मुख्य सचिव एवं महानिदेशक को एक विस्तृत शिकायती पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच, तत्काल निलंबन/निरस्तीकरण और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
लंबित न्यायालयीन विवाद के बावजूद पंजीकरण
शिकायत में उल्लेख है कि संबंधित संपत्ति को लेकर वर्ष 2021 से पार्टीशन सूट संख्या 1559/21 न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद विवादित संपत्ति पर हॉस्पिटल को पंजीकरण दिया जाना स्थापित विधिक सिद्धांतों के विपरीत बताया गया है।
भवन मानचित्र और अनुमतियों पर प्रश्न
शिकायत के अनुसार जनवरी 2025 तक हॉस्पिटल के पास कोई स्वीकृत भवन नक्शा (Sanctioned Map) उपलब्ध नहीं था। इसके अतिरिक्त बेसमेंट निर्माण, अग्निशमन सुरक्षा, आपदा प्रबंधन मानकों तथा नगर पालिका परिषद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य विभागों से प्राप्त एनओसी की वैधता पर भी गंभीर संदेह जताया गया है।
सरकारी नाले और निजी रास्ते पर अतिक्रमण का आरोप
आरोप है कि हॉस्पिटल भवन नगर पालिका के सरकारी नाले पर अतिक्रमण कर निर्मित किया गया है, जिस संबंध में एफआईआर भी दर्ज है। साथ ही उत्तर दिशा में स्थित भवन के दक्षिण दिशा में स्थित 12 फीट चौड़े निजी रास्ते पर अवैध कब्जा कर उसे हॉस्पिटल परिसर में शामिल कर लिया गया।
5G टावर और स्वास्थ्य सुरक्षा
हॉस्पिटल की पाँचवीं मंज़िल पर JIO कंपनी का 5G टावर स्थापित होने की बात भी शिकायत में कही गई है, जिसकी स्वास्थ्य, संरक्षा एवं भवन मानकों के अनुरूप अनुमति से संबंधित अभिलेख सार्वजनिक नहीं बताए गए हैं।
आपराधिक मामलों की अनदेखी का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि हॉस्पिटल के कथित संचालकों के विरुद्ध सीएमओ कार्यालय द्वारा दर्ज एफआईआर सीजेएम न्यायालय, चंदौसी में लंबित हैं। ऐसे में पंजीकरण दिया जाना प्रशासनिक निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में हॉस्पिटल
हौज भदेसरा, हिलाली सराय को अत्यंत घनी आबादी वाला रिहायशी क्षेत्र बताते हुए शिकायतकर्ता ने कहा है कि ऐसे क्षेत्र में निजी मकान की आड़ में संचालित इकाई को हॉस्पिटल के रूप में पंजीकरण देना शहरी नियोजन और जनस्वास्थ्य नीति के विरुद्ध है।
Life & Liberty से जुड़ा मामला
डॉ. आज़म ने इसे केवल व्यक्तिगत विवाद न बताते हुए जनस्वास्थ्य, शहरी सुरक्षा और शासन की पारदर्शिता से जुड़ा विषय बताया है तथा किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में उत्तरदायित्व तय किए जाने की मांग की है।
शिकायती पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, लोकायुक्त, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य मंत्री, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।
अब देखना यह है कि शासन एवं स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर मामले में कब और क्या कार्यवाही करते हैं।

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