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पत्रकारिता से लेकर महामंडलेश्वर बनने तक हिंदू महासभा के रा. महामंत्री ललित अग्रवाल की जीवन यात्रा भारत की आध्यात्मिक हिंदू राजनीति के लिए शुभ संकेत 🚩

पत्रकार से महामंडलेश्वर बनने तक हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री ललित अग्रवाल की जीवन यात्रा 👉 बी एन तिवारी
नई दिल्ली, अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री ललित अग्रवाल सांसारिक जीवन से धार्मिक - आध्यातमिक जीवन मे प्रवेश कर गए हैं। दिल्ली के सिविल लाइन मे स्थित बेला रोड के श्री अवधूत सेवा संघ आश्रम मे हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय धर्म आचार्य प्रमुख जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी मंगलानंद जी महाराज ने ललित अग्रवाल को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महामंडलेश्वर का विधान पूर्ण कर देश के महामंडलेश्वर जगत मे प्रवेश करवाकर उन्हे सनातन धर्म और अध्यातम का ज्ञान दिया। जूना अखाड़ा मे महामंडलेश्वर बनने के साथ ही महामंडलेश्वर मंगलानंद जी महाराज ने उनका नाम परिवर्तित करते हुए उन्हे श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर ललितानंद का नया नाम दिया। हिन्दू महासभा पद अधिकारियों ने ललित अग्रवाल को महामंडलेश्वर पद से विभूषित होने पर कोटि कोटि शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की मंगलकामना की। यह जानकारी आज जारी बयान मे हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने दी।
जारी बयान के अनुसार हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार द्विवेदी ने अपने शुभ कामना संदेश मे कहा कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी हिन्दू पत्रकार रत्न से सम्मानित कलम के सिपाही ललित अग्रवाल का जीवन वास्तव मे संघर्षो से भरा जीवन रहा है। उन्होंने अपने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र मे संघर्ष करते हुए सफलता के नये नये कीर्तिमान स्थापित किये। राजस्थान के जोधपुर मे जन्मे ललित अग्रवाल का पत्रकारिता से विशेष लगाव रहा और पत्रकारिता के क्षेत्र मे उन्होंने राजस्थान ही नहीं वरन देश और विदेशों मे भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। सजग, जागरूक और समर्पित पत्रकार होने के साथ साथ ललित अग्रवाल का देश की हिन्दू राजनीति की दिशा मे भी विशेष झुकाव रहा और वो अखिल भारत हिन्दू महासभा से जुड़ गए और वर्तमान मे राष्ट्रीय महामंत्री का दायित्व संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार से महा मंडलेश्वर बनने तक की ललित अग्रवाल की जीवन यात्रा भारत की अध्यातमिक हिन्दू राजनीति के लिए शुभ संकेत है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने जारी बयान मे ललित अग्रवाल के पत्रकार से महामंडलेश्वर बनने तक की यात्रा का विवरण देते हुए कहा कि ललित अग्रवाल ने पत्रकार जगत मे प्रवेश करने के बाद पत्रकार समाज के दो शीर्ष संगठनो भारतीय पत्रकार संघ और इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जनरलिस्ट के राष्ट्रीय सचिव का दायित्व संभाला। काठमांडु नेपाल मे ललित अग्रवाल को भगवान् पशुपति नाथ के आशीर्वाद से सम्मानित किया गया। वर्तमान मे ललित अग्रवाल पत्रकार वेल्फेयर एसोसिएशन भारत पंजीकृत के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का सफलता पूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।
बी एन तिवारी ने कहा कि ललित अग्रवाल विभिन्न समाचार पत्र पत्रिकाओं मे कार्य करते हुए नोएडा से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र राष्ट्रीय शान, कानपुर से प्रकाशित उपदेश टाइम्स और राष्ट्रीय पहल के साथ स्वतंत्र प्रबोध मे एक सजग पत्रकार की भूमिका निभा रहे हैं। आई बी एन 20-20 मध्य प्रदेश मे नेशनल चीफ ब्यूरो चीफ का दायित्व भी ललित अग्रवाल संभाल रहे हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने बताया कि पत्रकारिता के साथ साथ ललित अग्रवाल का रुझान सनातन धर्म और हिंदुत्व के लिए कार्य कर रहे साधु संतो और संगठनो की दिशा मे बढ़ने लगा। यहाँ से उनके जीवन को नई दिशा मिली और भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए अखिल भारत हिन्दू महासभा और अखिल भारतीय हिन्दू परिषद से जुड़ गए। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार द्विवेदी ने ललित अग्रवाल को राष्ट्रीय महामंत्री पद पर मनोनीत कर उनकी योग्यता का सम्मान किया। ललित अग्रवाल कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास से जुड़े और राष्ट्रीय महामंत्री का दायित्व संभाल रहे हैं।
बी एन तिवारी ने ललित अग्रवाल की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने महाकाल भैरव अखाड़ा से जुड़कर राष्ट्रीय महा सचिव के रूप मे कार्य किया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सूर्यवंशी अखाड़ा से जुड़कर वहाँ भी राष्ट्रीय सचिव और मीडिया प्रभारी का दायित्व संभाला। सप्तऋषि अखाड़ा मे लगातार दो साल तक राष्ट्रीय सचिव और मीडिया प्रभारी का दायित्व संभालते हुए अखाड़ा प्रमुख जगतगुरु सच्चिद्दानंद बाल प्रभु जी ने उन्हे वृंदावन मे श्री 1008 ललित आदित्य महाराज के रूप मे महा मंडलेश्वर की उपाधि से विभूषित किया। तदोपरांत विश्व का सबसे बड़ा सन् 1154 मे स्थापित जूना अखाड़ा के नेमीशारणय तीर्थराज के स्वामी मुक्तानंद जी महाराज से महामंडलेश्वर की उपाधि पाने वाले श्री श्री 1008 स्वामी मंगला नंद जी महाराज ने उन्हे जूना अखाडा मे महा मंडलेश्वर की उपाधि से विभूषित किया।
जारी बयान के अनुसार अपने जीवन मे पांच पोस्ट ग्रेजुएसन की डिग्री हासिल करने वाले महामंडलेश्वर ललितानंद जी ने जूना अखाड़ा मे महामंडलेश्वर पद से विभूषित होने पर अपने जीवन का सर्वाधिक गौरवशाली पल बताया। उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचाने मे अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार द्विवेदी, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी, मदन लाल गुप्ता और राष्ट्रीय धर्म आचार्य स्वामी मंगलानंद जी के सहयोग का विशेष आभार प्रकट करते हुए अपने आशीर्वचन मे कहा कि वो आजीवन सनातन धर्म, हिंदुत्व, पत्रकारिता और समाज के हित सदैव समर्पित रहेंगे।

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